पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में तीन दिन पूर्व दो चीतलों का शिकार करने के बाद वनकर्मी की बंदूक छीनकर फरार होने के मामले में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद छह शिकारियों को जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए शिकारियों में एक हेड कांस्टेबल मंसूर खां भी शामिल है। वनकर्मी से छीनी गई बंदूक भी बरामद कर ली गई है।
पुलिस लाइन में सोमवार को एएसपी विक्रम दहिया और प्रशिक्षु डीएफओ भरत कुमार ने संयुक्त रूप से घटना का खुलासा किया। एएसपी ने बताया कि जंगल क्षेत्र में चीतलों का शिकार और वनकर्मी की बंदूक छीनकर भागने की घटना के बाद से कई टीमें लगाई गईं थीं। वहीं गजरौला की रिछौला पुलिस चौकी अंतर्गत चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा था।
रविवार रात मुखबिर व वन विभाग से सूचना मिली कि तीन दिन पूर्व जंगल में शिकार करने वाले शिकारी आज दोबारा शिकार करने आए हैं। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कांबिंग शुरू की। रिछौला चौकी से छह किमी अंदर माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग के बाईं ओर पहुंचते ही फायरिंग होने लगी।
टीम ने पेड़ों व झाड़ियों की आड़ लेकर देखा तो 8-9 व्यक्ति बैठे दिखे। टीम के टार्च डालने पर शिकारी फायरिंग करने लगे। टीम ने जवाबी फायरिंग करते हुए घेराबंदी कर छह शिकारियों को मौके से पकड़ लिया। अंधेरे का फायदा उठाकर तीन शिकारी बाइक से भाग गए। पूछताछ में पकड़े गए शिकारियों ने चीतलों के शिकार और वन कर्मी से बंदूक छीनने की बात स्वीकार कर ली। बाद में उनसे वनकर्मी से छीनी गई बंदूक भी बरामद कर ली गई। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
गैंग का सरगना है जीशान, हेड कांस्टेबल ने छीनी थी वनकर्मी से बंदूक
पूछताछ में मुख्य आरोपी पीलीभीत के मोहल्ला भूरे खां निवासी जीशान ने बताया कि वह अपने घर पर सभी को इकट्ठा करके योजना बनाने के बाद असलहे उपलब्ध कराता था। उसने पहले भी कई बार शिकार करने की बात स्वीकार की। बताया कि शिकार को मारकर उसके सींग, खाल आदि बिक्री के लिए रखते थे। चीतलों के शिकार के बाद हेड कांस्टेबल मंसूर खां ने ही वनकर्मी से बंदूक छीनी थी।
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