अमरिया (पीलीभीत)। अमरिया-सितारगंज नेशनल हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण में घोटाला सामने आने के बाद कई विभागों में अफरातफरी है तो अमरिया क्षेत्र के कई किसान मुआवजे पाने के लिए परेशान घूम रहे हैं। उनका कहना है कि शुरुआत से ही उन्हें परेशान किया गया। अब घोटाला सामने आने के बाद मुआवजे पर रोक लगा दी गई। जिससे समस्या और बढ़ गई है।
नेशनल हाईवे के दायरे में अमरिया तहसील क्षेत्र के कई गांव आते हैं। लखनऊ, रुद्रपुर आदि स्थानों के उद्योगपतियों ने यहां के किसानों की जमीनों को औने-पौने दामों पर खरीद लिया था। किसानों का कहना है कि हाईवे मंजूर होते ही क्षेत्र में जमीन खरीदने वालों की होड़ मच गई। मोटा लालच देकर हर कीमत पर जमीनों को खरीदा गया।
इसके बाद मुआवजे का खेल शुरू कर भवनों का निर्माण कराना शुरू किया गया। उस समय लोगों को घपलेबाजी पर शक गहराया, लेकिन मजबूत गठजोड़ के चलते खरीदारों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। अब मामला सामने आने के बाद मुआवजे पर रोक लगा दी गई। ऐसे में उनकी समस्या हल होने के बजाए उलझ गई। किसानों का कहना है कि अब उनकी निगाहें कार्रवाई पर टिकी हैं।
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गांव के पास हाईवे किनारे लगभग दो बीघा जमीन अधिग्रहण की गई है। खेत में विभाग ने खूंटी लगा दी है। लेकिन अब तक मुआवजे की धनराशि नहीं मिली है। हीलाहवाली करके टाल दिया जाता है।
- देवेंद्र, फरदिया गांव
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पांच बीघा जमीन का मुआवजा अब तक मिल गया होता लेकिन बाहर के लोगों ने यहां जमीनें खरीदकर और उसपर बिल्डिंग बनाकर सरकार से अधिक मुआवजा लेकर जो चूना लगाया है। ऐसे में अब मुआवजे पर रोक से संकट खड़ा हो गया है।
- असगर अली, अमरिया
जमीन पर लगाए गए पिलर।संवाद
जमीन पर लगाए गए पिलर।संवाद