पीलीभीत। भाई को टीका करने निकली बहनों को अफसरों के दावों की गाड़ी ने धोखा दे दिया। बहनें रोडवेज बसों की तलाश में चौराहों के चक्कर काटती रहीं। घंटों इंतजार और फिर बस में सवार होने में धक्का-मुक्की का नजारा दिखा। ट्रेनें भी ठसाठस रहीं। बहनों की मजबूरी का फायदा डग्गामार वाहनों ने उठाया। क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर जोखिम के बीच फर्राटा भरा।
भाई दूज को लेकर डिपो के अफसरों ने बृहस्पतिवार को बेहतर तैयारियां का दावा किया, लेकिन धरातल पर हालात काफी खराब दिखे। दोपहर करीब एक बजे नौगवां चौराहे पर एक भी बस नहीं थी। बहनें और उनके साथ आए परिजन आसपास के दुकानदारों से बस आने के समय पूछते दिखे।
बताया गया कि लंबे समय से बस नहीं आई है। चौराहे पर डिपो की ओर से कोई कर्मचारी भी तैनात नहीं किया गया। इसी समय एक सवारी वाहन पहुंचा और चालक ने कुछ सवारियों को बैठाकर वाहन दौड़ा दिया। करीब आधे घंटे बाद बस पहुंची को बस में चढ़ने और सीट पाने की होड़ मच गई।
वहीं करीब 1.15 बजे असम चौराहे से बरेली जाने वाले मार्ग पर भी यात्री खड़े थे। बस काफी देर से यहां नहीं पहुंची। गेट पर धक्का-मुक्की का नजारा दिखा। एआरएम विपुल पारस ने बताया कि डिपो की सभी बसों को मार्गों पर भेजा गया था।
बहनों को सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा मुहैया कराने के निर्देश चालक-परिचालकों को दिए गए थे। जहां दिक्कत आई है, वहां पता कराएंगे। रेेलवे स्टेशन पर उमड़ी बहनों की भीड़ : भाई के घर जाने के लिए बहनों ने ट्रेन का सहारा भी लिया। दोपहर 1:30 बजे रेलवेे स्टेशन पर बहनों और उनके साथ आने-जाने वाले परिजनों की भीड़ उमड़ी तो फुटब्रिज से आवगमन मुश्किल हो गया। भीड़ अधिक होने से फुटब्रिज सेे प्लेटफार्म बदलने के लिए यात्रियों को करीब 10 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्री जाेखिम के बीच रेलवेे पटरी पार करते दिखे। इसी समय आई त्रिवेणी एक्सप्रेस में सवार होने में भी धक्का-मुक्की का नजारा दिखा। दोपहर के समय प्लेटफार्म संख्या तीन पर जीआरपी जवान नजर नहीं आए, जबकि बहनों की भीड़ अधिक थी।
शहर के नौगवां चौराहे पर मौजूद यात्री। संवाद
शहर के नौगवां चौराहे पर मौजूद यात्री। संवाद
शहर के नौगवां चौराहे पर मौजूद यात्री। संवाद
शहर के नौगवां चौराहे पर मौजूद यात्री। संवाद
शहर के नौगवां चौराहे पर मौजूद यात्री। संवाद
शहर के नौगवां चौराहे पर मौजूद यात्री। संवाद