माधोटांडा। महोफ रेंज में बावरिया गिरोह के साथ मिलकर बाघ का शिकार करने के मामले में छह साल से वांछित चल रहे दस हजार के इनामी आरोपी को वन विभाग की टीम ने शुक्रवार रात उत्तराखंड के खटीमा स्थित घर से दबोच लिया। शनिवार को कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज के कंपार्टमेंट 98 के अंतर्गत वर्ष 2013-14 में बाघ के शिकार का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में टाइगर रिजर्व की ओर से बावरिया गिरोह से जुड़े छह आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। उनके पास से बाघ का मांस और करीब आधा किलो हड्डियां भी बरामद हुई थीं। वन विभाग की ओर से धरपकड़ करते हुए कुछ समय बाद मामले में नामजद पांच आरोपियों को तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, मगर उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र के अंतर्गत इस्लाम नगर निवासी आरोपी शाहिद अहमद उर्फ शहीदा टाइगर रिजर्व प्रशासन को चकमा देकर नेपाल भाग गया था। लंबे समय तक शाहिद का सुराग न मिल पाने के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन ने शिकारी शाहिद पर दस हजार का इनाम घोषित कर दिया। हालांकि उसके बावजूद भी शातिर शिकारी हत्थे नहीं चढ़ा।
इधर, महोफ रेंज के रेंजर आरिफ जमाल ने डेढ़ माह पूर्व से एक अन्य मामले में फरार चल रहे आरोपी की धरपकड़ को गोपनीय टीम को सक्रिय कर तलाश शुरू कर दी। शुक्रवार रात जानकारी मिलने के बाद रेंजर आरिफ जमाल के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने खटीमा के इस्लाम नगर स्थित घर में घेराबंदी कर आरोपी शाहिद को धर दबोचा। शनिवार को कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।