प्राथमिक शिक्षामित्र शिक्षक संघ की बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष
ने कहा कि शिक्षामित्र साथी निराश न हों। संगठन 27 जुलाई को सरकार के साथ
मिलकर कोर्ट में प्रशिक्षु शिक्षकों का पैरवी करेगा।
रामलीला मैदान में
आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष रामसिंह राठौर ने कहा कि शिक्षामित्रों के हक
के लिए कोर्ट में सरकार के साथ हमारा संगठन भी पैरवी करेगा। कहा कि
शिक्षामित्र 2001 से कार्यरत हैं और टीईटी 2010 में लागू किया गया है। इससे
पैरवी के बाद फैसला हमारे ही पक्ष में होगा। उन्होंने कहा कि सपा सरकार
हमारे साथ है और इस सरकार में सभी शिक्षामित्र शिक्षक बनकर रहेंगे।
जिला
महामंत्री वीर सिंह ने एक समाचार पत्र का हबाला देते हुए कहा कि सुप्रीम
कोर्ट पहले ही टीईटी बाद में लागू होने की बात कर रहा है। महामंत्री ने कहा
कि शिक्षामित्रों के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेंगे और अपना हक लेकर रहेंगे।
204 शिक्षामित्र शिक्षक बनने से रह गए हैं उन्हें निराश होने के जरूरत नहीं
है। टीईटी करना पड़े तो सरकार विभागीय टीईटी कराने को तैयार है। भावना
सक्सेना ने कहा कि किसी का वेतन नहीं रुकेगा और न ही मानदेय रुकेगा। बचे
शिक्षामित्रों की चौथे सेमेस्टर की परीक्षा सितंबर में करवाकर ही रहेंगे।
बैठक
में गजेंद्र गंगवार, भगीरथ वर्मा, ओमप्रकाश, विमलेश राठौर, शहनाज परवीन,
पूनम राना, सुनीता गंगवार, मीनेश, माया देवी, लक्ष्मी आदि शिक्षामित्र
मौजूद रहे।