शारदा और देवहा के जलस्तर में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। जलस्तर घटने के बाद रमनगरा बुझिया और नलडेंगा क्षेत्र में कटान में तेजी आ गई है। हालांकि अमरिया क्षेत्र के खली नवादा और विसनपुर में कटान की गति धीमी रही। बीसलपुर क्षेत्र में देवहा का पानी दूसरे दिन भी सड़कों पर भरा रहा। इससे यातायात प्रभावित रहा।
अमरिया। इलाके में देवहा से कटान की गति कल के मुकाबले आज धीमी रही। नदी ने तीसरे दिन भी खली नवादा और विसनपुर क्षेत्र की करीब 40 बीघा जमीन निगल ली। इसके अलावा नदी गांव जगत, बरादुलवा, हिमकनपुर आदि क्षेत्रों में भी तेजी से कटान कर रही है।
माधोटांडा। शारदा नदी का रमनगरा बुझिया और नलडेंगा क्षेत्र में जलस्तर में गिरावट होने के बाद बुधवार को कटान तेज हो गया। रमनगरा बुझिया में कोई बाढ़ नियंत्रण कार्य न होने के चलते कटान का सिलसिला जारी है। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि यदि स्परों के आगे बचाव कार्य करा दिए जाते तो कटान रोका जा सकता था। यदि कटान की स्थिति ऐसी ही रही तो सप्ताह भर में रमनगरा बुझिया के किसानों की समूची भूमि नदी में समा जाएगी। इधर, नलडेंगा क्षेत्र में भी कटान जारी रहा। यहां प्रमुख अभियंता ओम वर्मा के निर्देश के बाद ठेकेदारों ने नाममात्र का कार्य कराकर औपचारिकता निभा दी।
बीसलपुर। देवहा का कहर यहां दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को भी बाढ़ का पानी बरेली रोड के भड़रिया मोड़ पर भरा रहा। बाढ़ ने बीसलपुर-बरेली रोड से गांव हेतमनगला तक जाने वाले मार्ग को अपनी चपेट में ले लिया है। यहां का प्राइमरी स्कूल भी जलभराव के चलते बुधवार को बंद रहा। पीलीभीत रोड के अर्जुनपुर और कासिमपुर मोड़ पर भी पानी भरा है।
देवहा में डूबी किशोरी का शव मिला
बीसलपुर। गांव हीरापुर दुही निवासी चतुरबिहारी की 16 वर्षीय पुत्री शीतल मंगलवार को देवहा में डूब गई थी। बुधवार को तहसीलदार अंबरीश कुमार बिंद, नायब तहसीलदार एमआर थारू ट्रैक्टर से गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में शव की तलाश की। कई घंटे की मशक्कत के बाद शव मिल गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नलडेंगा के बाढ़ पीड़ितों ने किया प्रदर्शन
माधोटांडा। नलडेंगा के बाढ़ पीड़ितों ने बुधवार को बचाव कार्य न कराने का आरोप लगाते हुए शारदा खंड के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब कोई बड़ा अफसर आता है तो दिखावे को यहां दो-चार बोरे नदी में डाल दिए जाते हैं। पहले ही कटान की आशंका जताई गई थी, लेकिन इसे अनुसना कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने डीएम से कटान स्थल का निरीक्षण कर बचाव कार्य कराने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में हीरामन, चंद्रपीठ, रामू, सुशांत, सुजीत, आसिम, विधान, सतीश, रक्षी सरकार, पार्वती सरकार, समलेखा मंडल, मधुप ढाली, संध्या आदि शामिल रहीं।