अभियंताओं ने मजदूर लगाकर बंद करवाया गड्ढा
डैम में पानी लेबल बढ़ा होता, तो बिगड़ सकती थी स्थिति
क्षेत्र में तीन दिन से हो रही लगातार बारिश के बाद शारदा सागर डैम के नौव किमी के समीप अचानक पानी का रिसाव शुरू हो गया। सूचना मिलने पर अभियंताओं ने मजदूर लगाकर उसे बंद करा दिया। इस समय शारदा डैम में पानी का लेबल बढ़ा होता तो स्थिति बिगड़ सकती थी। हालांकि अभियंता बारिश से रेनकट होने की बात कह रहे हैं।
क्षेत्र में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही थी। शारदा डैम के सातवें किमी से आगे डैम का मार्ग काफी जर्जर होने के साथ इस पर गड्ढे व जगह जगह जलभराव हो चुका है। इधर अचानक डैम के नौवें किमी पर बाहरी हिस्से में पहले तो कुछ भाग की मिट्टी नीचे धंसी और कुछ देर बाद ही वहां से पानी का रिसाव शुरू हो गया। सूचना मिलते ही सहायक अभियंता धर्म घोष व अवर अभियंता वीरेंद्र सिंह यादव सहित राजस्वकर्मी वहां पहुंच गए।
तत्काल उस गड्ढे को मजदूरों की मदद से रेत बजरी डालकर बंद करा दिया। भीतरी हिस्से में भी जहां गड्ढे थे, वहां बोरों में रेत भरकर लगवा दी गई। बताते हैं कि शारदा डैम में वर्तमान समय में पानी का लेबल 117.90 फिट है, यदि पानी का लेबल डैम में अधिक होता तो स्थिति बिगड़ सकती थी। इसी तरह तीन वर्ष पूर्व शारदा डैम के चौथे किमी पर भी ऐसी ही स्थिति पैदा हुई थी। हालांकि शारदा डैम के सहायक अभियंता धर्म घोष व अवर अभियंता वीरेंद्र सिंह यादव कहते हैं कि यह स्थिति बारिश के दौरान हुए रेनकट की वजह से बनी है। सवाल यह है कि यदि पानी के बहाव से रेनकट बनते तो मिट्टी निकलकर बाहर जाती, लेकिन यहां मुख्य बाडी का कुछ भाग धंसा है। जिससे ऐसा लगता है कि या तो किसी पाइप की भीतरी हिस्से में लीकेज हुई या फिर चूहे के बिल की वजह से पानी का रिसाव हुआ था। इधर डैम की मरम्मत को शासन ने छह करोड़ का प्रोजेक्ट स्वीकृत कर इस साल बजट भी आवंटित कर दिया गया, लेकिन पैसा रिलीज न होने के चलते कोई कार्य नहीं कराया जा सका है।