शारदा नदी द्वारा गभिया सहराई में शारदा का कटान थमा नहीं है। धीमी गति से कृषि भूमि का कटान रविवार को भी जारी रहा। नदी गभिया सहराई से लेकर नलडेंगा क्षेत्र तक लंबाई में कटान कर आबादी की ओर बढ़ रही है। नदी दो दिन पहले एक किसान के घर को निगलकर अन्य चार घरों की दहलीज तक पहुंच गई है। पत्थर की ठोकर होने के चलते किसान अभी मकान नहीं उजाड़ रहे हैं। शारदा द्वारा जारी कटान की स्थिति को देख ग्रामीणों में दहशत कायम हैं लेकिन सनेंडी तटबंध पर अभी कोई ठोस बचाव कार्य शुरू नहीं कराए हैं। मात्र झाड़ ही डलवाकर औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।
शारदा नदी के जलस्तर में गिरावट आने के साथ नदी ने गभिया सहराई क्षेत्र में कटान की गति को तेज कर किसानों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि को अपने आगोश में ले लिया। यहां नदी कटान कर सनेंडी तंटबंध पर बनी पत्थर की ठोकरों को क्षतिग्रस्त कर लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है। तीन दिन पूर्व से नदी ने गभिया सहराई से लेकर नलडेंगा क्षेत्र तक लंबाई में कृषि भूमि का कटान शुरू कर दिया है। वहीं शारदा सागर द्वारा कटान रोकने को कोई ठोस उपाय नहीं किए जा सके। इसके चलते नदी ने सनेंडी तटबंध के निकट बने किसान बंटू मजूमदार के मकान को निगल लिया। यहां नदी के मुहाने पर चार अन्य किसानों के मकान भी हैं लेकिन नदी की धार का प्रवाह ठोकर पर पड़ने से किसान अपने मकानों को नहीं उजाड़ रहे हैं। कटान की स्थिति देख ग्रामीणों को काफी भय सता रहा है। शारदा सागर की लचर व्यवस्था के चलते बचाव कार्य के नाम पर मात्र औपचारिकताएं ही निभाई जा रही हैं।
ठोकरें हुई क्षतिग्रस्त तो उजड़ जाएंगे कई आशियाने
गभिया सहराई में नदी की जद में आने वाले किसानों में निमाई मजमूदार, गौरंग मजमूदार, निताई मजमूदार ने बताया कि वह इंतजार कर रहे हैं कि शायद नदी की धार पत्थर की ठोकरों से टकराकर दाएं किनारे की ओर चली जाए। इस उम्मीद के साथ वह लोग अपने मकान नहीं उजाड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने यहां कोई राहत सहायता अभी नहीं मुहैया कराई है। लेखपाल ने दौरा कर पीड़ित किसानों की सूची तैयार कर मुआवजे के लिए जिला प्रशासन को सौंप देने का आश्वासन दिया था।
ग्राम पंचायत में जिन लोगों की कृषि भूमि मय फसल के नदी में समा रही हैं। उनकी सूची प्रशासन को भिजवाई जाएगी। डीएम से मिलकर कृषि फसलों का मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा और जिनकी भूमि कट गई हैं उनको कृषि भूमि के पट्टे आवंटन करने का अनुरोध किया जाएगा। - दीपाली राय, ग्राम प्रधान, गभिया सहराई
मैंने वर्ष 2013 में जो कृषि भूमि कटी थी ऐसे सभी पट्टेदारों को मुआवजा दिलाया था। इस बार भी जिन लोगों की जमीनें कट रही हैं, उन्हें भी मुआवजा दिलाने का प्रयास अपने स्तर से करेंगे। - शंकर राय, पूर्व प्रधान, गभिया सहराई