शारदा डैम को भरने में अभियंताओं को छूटेंगे पसीने
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
शारदा डैम में दो करोड़ की लागत से पिचिंग मरम्मत के नाम पर भारी गड़बड़ी के मामले तो उठे ही हैं, साथ ही शासन से कम बजट मिलने के चलते इस बार अभियंताओं के साथ साथ किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कम बजट मिलने के चलते अभियंताओं डैम में पानी भरने को फिर खासी मशक्कत करनी पड़ेगी।
शारदा डैम पिचिंग मरम्म्मत को छह करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट तीन वर्ष पूर्व शासन को भेजा गया था। काफी प्रयासों के बावजूद मात्र दो करोड़ रुपया इस वर्ष सिंचाई विभाग को मिल सका था। इधर जब कार्य शुरू कराया गया तो डिप्लोमा इंजीनियरों की हड़ताल शुरू हो गई। ऐसे में ठेकेदारों ने पिचिंग मरम्मत में मनमानी करते हुए हेराफेरी शुरू कर दी। फिल्टर मेटेरियल नाममात्र को डालने के कारण शासन स्तर पर इसकी शिकायतें होने लगी। लखनऊ से टीएसी के मुख्य अभियंता गोपाल कृष्ण ने आकर जांच की। जिसमें उन्होंने मौके पर कार्य में गड़बड़ी होना पाया था।
इधर अब डैम भरने का समय नजदीक आ रहा है। प्रदेश की लाखों एकड़ कृषि भूमि के लिए सिंचाई को पानी भरा जाना है। सूखा पड़ने एवं शारदा मुख्य नहर में पहाड़ों से पानी न मिलने के चलते डैम से ही पानी की भरपाई की जाती है, लेकिन यहां दो करोड़ की लागत से जो कार्य कराए गए, उसमें अभी दो तिहाई कार्य होना बाकी है। ऐसे में जब अधिकांश पिचिंग उखड़ी रही और डैम को पानी से भर दिया गया तो पूर्व की तरह एक बार पुन: समय से पहले डैम को पानी से भरना पड़ेगा। इससे रबी फसलों में सिंचाई को किल्लत हो सकती है।