डैम के वर्जित क्षेत्र में बसे हैं 350 अवैध कब्जेदार
सिंचाई विभाग ने सूची मुख्यमंत्री पोर्टल पर की अपलोड
शेष 550 अवैध कब्जेदारों पर भी जल्द होगी कार्रवाई
शारदा सागर डैम के अधिकारियों ने डैम को अवैध कब्जेदारों से उत्पन्न खतरे से बचाने को एंटी भूमाफिया अभियान के तहत चार गांवों की सीमा क्षेत्र में पड़ने वाली भूमि पर काबिज 350 कब्जेदारों से भूमि खाली कराने को सूची मुख्यमंत्री पोर्टल पर डाली है। शेष इलाकों के अवैध कब्जेदारों की सूची भी शीघ्र कार्रवाई को एनआईसी पर अपलोड की जाएगी।
प्रदेश का 22 किलोमीटर लंबा शारदा सागर डैम दो प्रांतों की सीमा क्षेत्र में पड़ता है, लेकिन इसकी देखरेख एवं रखरखाव की जिम्मेदारी प्रदेश के सिंचाई विभाग के शारदा सागर खंड के अधीन है। जिसकी दो सब डिवीजन डैम की जिम्मेदारी संभाले हैं। प्रथम सब डिवीजन के पास जीरो से 10 किलोमीटर और द्वितीय सब डिवीजन के पास 10 से 22 किलोमीटर तक का चार्ज है। वर्ष 1955 में प्रथम पंचवर्षीय योजना के तहत बने शारदा सागर डैम रखरखाव के अभाव के चलते जर्जर भी होता जा रहा है। सिंचाई विभाग ने डैम के जीरो किमी से लेकर 22 किमी तक के क्षेत्र में बाहरी हिस्से में 600 फीट चौड़ाई वाले क्षेत्र को वर्जित कर रखा है। नियमानुसार इस वर्जित क्षेत्र में न तो आबादी बसनी चाहिए और न ही कोई पक्का निर्माण किया जाना चाहिए।
साल दर साल होता गया अतिक्रमण
करीब छह सौ फुट चौड़ाई वाली खाली पड़ी भूमि को देखकर अवैध कब्जेदारों ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण शुरू कर दिया। सिंचाई विभाग ने रोकने की कोशिश की तो उनकी एक न चली। वर्जित क्षेत्र में ही छोटे-छोटे तालाब भी बना लिए। देखते ही देखते बंगाली समुदाय के लोग यहां अवैध कब्जाकर बस गए। इनमें से कुछ लोगों के खिलाफ सिंचाई विभाग ने पूर्व वर्षों में मुकदमे भी दर्ज कराए थे।
सिंचाई अफसरों के निर्देश पर अवैध कब्जेदारों की बनी सूची
चूंकि डैम 22 किलोमीटर लंबा है। इस कारण प्रथम चरण में सिंचाई विभाग ने पूरे क्षेत्र में विभाग की भूमि पर कितने अवैध कब्जे हैं, सींचपालों को लगाकर सूचियां बनवाई। इसमें गांव बंदरबोझ, बूदीभूड़, महाराजपुर व कंजिया सिंहपुर की सूचियां तैयार की गई। इन इलाकों में 350 अवैध कब्जेदार चिह्नित किए गए। जिनकी सूची एंटी भूमाफिया अभियान की कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल पर अपलोड की गई है।
दस किमी के क्षेत्र में 550 अवैध कब्जेदार
सींचपालों द्वारा जीरो से दस किलोमीटर तक ग्राम पुरैना ताल्लुके महाराजपुर, मठईया लालपुर, रमनगरा, नगरिया खुर्दकलां सहित करीब छह गांवों के क्षेत्र में सींचपालों ने सर्वे कर सूचियां तो तैयार कर ली, लेकिन अभी राजस्व विभाग ने किस गांव की सीमा कहां तक है आदि की पूरी जानकारी नहीं मिल सकी है। इस कारण यह सूची अपलोड करने में देरी हो रही है। इसके अलावा कुछ गुन्हान, रमनगरा के बाढ़ शरणार्थी भी यहां काबिज हैं। जिन्हें दूसरी जगह पट्टे दिए जा चुके हैं कुछ देना शेष है।
सिंचाई विभाग की 700 एकड़ से अधिक भूमि पर है कब्जे
वैसे तो सिंचाई विभाग ने वर्ष 1971 में 1170 एकड़ भूमि भूमिहीनों को पट्टे पर देने के लिए राजस्व विभाग को ट्रांसफर कर दी। इसके बावजूद अवैध कब्जेदारों ने वर्जित क्षेत्र वाली भूमि पर भी कब्जा कर लिया। बताते हैं कि 700 एकड़ से अधिक भूमि पर अवैध कब्जेदार काबिज हैं। वर्जित क्षेत्र में अतिक्रमण से शारदा सागर डैम की सुरक्षा को भी खतरा बना हुआ है।
अधिकारियों के निर्देश पर 600 फुट परिधि में पड़ने वाले चार गांवों के 350 अवैध कब्जेदारों को चिह्नित कर सूची एनआईसी के माध्यम से कार्रवाई को मुख्यमंत्री पोर्टल पर डाली गई है। शेष 550 अवैध कब्जेदार भी चिह्नित किए गए हैं। कागजी कार्रवाई पूरी होते ही इस सूची को भी मुख्यमंत्री पोर्टल पर डाल दिया जाएगा।
- सुरेंद्र पाल सिंह, जिलेदार, शारदा सागर खंड