कलीनगर। तराई क्षेत्र को उत्तराखंड से जोड़ने वाला शारदा सागर डैम का सर्विस मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। मार्ग पर बने गहरे गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। बरसात शुरू होने के साथ ही हालात और बिगड़ने की आशंका है। क्षेत्र के ग्रामीण कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के कई गांवों के लिए उत्तराखंड आने-जाने का मुख्य मार्ग शारदा सागर डैम से होकर गुजरता है। यह मार्ग वर्षों से उपेक्षा का शिकार है और वर्तमान में इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शारदा डैम की तलहटी में बसे पुरैना, रमनगरा, बुझिया, नगरिया खुर्द, कंजिया सिंह, गभिया, महराजपुर, नौजल्हा समेत करीब 15 गांवों की लगभग 50 हजार आबादी के लिए यह मार्ग जीवनरेखा माना जाता है। उत्तराखंड जाने के लिए यही सबसे सुगम और प्रमुख रास्ता है। सड़क की बदहाल स्थिति के चलते ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को रोजाना जोखिम उठाकर सफर करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में उनकी मांग पर मार्ग की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन कार्य केवल पैचवर्क और पेंटिंग तक सीमित रहा। निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे थे। नतीजतन एक वर्ष के भीतर ही सड़क फिर से उखड़ गई और अब जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि वे लंबे समय से मार्ग के स्थायी पुनर्निर्माण की मांग कर रहे हैं। अधिशासी अभियंता पीपी गौतम ने बताया कि शारदा सागर डैम मार्ग की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।