बाढ़ नियंत्रण स्थलों तक पहुंचा शारदा का पानी
बरसात शुरू होते ही बाढ़ व भू कटान से बचाव को बनी बाढ़ नियंत्रण योजनाएं शारदा नदी के पानी की जद में आने लगी है। हालांकि अभी नदी की धार का प्रवाह किनारे की ओर नहीं है। मगर नदी के बढ़तेे जलस्तर को देखकर लोगों की टेंशन बढ़ने लगी है। बारिश शुरू होते ही शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा हैं। नदी के दांए किनारे लगभग सभी बाढ़ नियंत्रण योजना स्थलों तक नदी का पानी आ गया है, लेकिन अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि शारदा का पानी योजना स्थलों तक आने से लोगों की चिंता बढ़ने लगी हैं।
नलडेंगा के स्पर आए पानी की चपेट में
नलडेंगा में बने स्परों से पानी टकराने लगा है। यहां नदी के बीचोबीच अभी दूर तक रेत के ढेर दिखाई दे रहे हैं। दांए किनारे पर कराए गए बाढ़ नियंत्रण कार्यों का भविष्य पहली बाढ़ में ही खुलकर सामने आ जाएगा। वजह यह है कि शारदा नदी पानी बढ़ने के बाद कम होने पर अधिक कटान करती है।
नदी पार इलाके में धान की रोपाई तेज
रमनगरा इलाके में शारदा पार लोग नावों से जाकर अपने पट्टे की भूमि पर धान की रोपाई करने में जुटे हैं। ऐसे में नदी के बीच में जलस्तर कम होने के चलते नाव को काफी दूरी तक रस्सी से खींचना पड़ रहा है। शारदा पार वन विभाग व ग्राम समाज की लगभग दो हजार एकड़ भूमि पर खेती की जा रही हैं। धान की रोपाई जल्द पूरी करने के लिए किसान सुबह ही नाव से नदी पार जाने वालों की भीड़ जमा होने लगी है।
थारू बस्ती के लोगों ने शुरू की तैयारियां
शारदा पार थारू बस्ती के लोग भी तेजी से अपना धान लगाने में जुटे हैं। इस बस्ती में हर साल बाढ़ का पानी घुस जाता है। इसलिए यहां लोग अपने खाने पीने की व्यवस्था भी पहले से कर लेते हैं। गरीब परिवार से ताल्लुके रखने वाले लोगों ने महाजनों से ब्याज पर रकम उधार लेनी शुरू कर दी है। ताकि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो सके।