बीसलपुर के गायत्री शक्तिपीठ में हो रहा यज्ञ। संवाद
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बीसलपुर। मोहल्ला शास्त्रीनगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में शरद पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को सुबह यज्ञ का आयोजन किया गया।
यज्ञ गायत्री परिवार के तहसील प्रभारी सत्यपाल यादव और शक्तिपीठ के परिब्राजक राजेंद्र कुमार ने विधि विधान से कराया। इस मौके पर कुछ श्रद्धालुओं ने अपनी एक-एक बुराई छोड़ने और उसके स्थान पर एक-एक अच्छाई ग्रहण करने का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां दी। प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हो गया। कार्यक्रम में पूर्व चेयरमैन छेदालाल जायसवाल, देवकी नंदन गंगवार, रामपाल गंगवार, प्यारेलाल गंगवार, अनोखेलाल, लज्जावती, सोमवती और भाग्यवती शर्मा समेत काफी श्रद्धालु मौजूद थे। इस मौके पर शक्तिपीठ में प्रकाश और सजावट का विशेष बंदोबस्त किया गया था। संवाद
दियोरिया के मेले में हुआ बालि वध की लीला का मंचन
बीसलपुर। गांव दियोरिया के रामलीला मेले में रविवार को श्रीराम सुग्रीव मित्रता और बालि वध लीला का मंचन हुआ। बारिश के कारण लीला देखने काफी कम श्रद्धालु पहुंचे। शाम चार बजे शुरू हुई लीला में दर्शाया जाता है कि भगवान राम जब सीता जी की खोज में जंगल में भटक रहे थे, तभी उनकी किष्किंधा नरेश बालि के भाई सुग्रीव से मित्रता हुई। सुग्रीव ने राम को अपनी पीड़ा बताई। राम द्वारा बनाई गई योजना के अनुसार सुग्रीव अपने भाई बालि को ललकार कर वहां ले आता है, जहां राम ठहरे हुए थे। वहीं पर सुग्रीव और बालि का युद्ध होने लगता है। राम पेड़ की ओट में खड़े होकर बालि का तीर मार देते हैं। मरने से पहले बालि भगवान राम से कुछ सवाल भी पूछता है। राम उसके सवालों का संतोषजनक जबाव दे देते हैं। राम के जवाबों से संतुष्ट होकर बालि प्राण त्याग देता है। यहीं पर लीला का समापन हो जाता है। संवाद