दो सीवरेज प्लांट किए गए थे स्थापित
शहर में करीब तीन दशक पूर्व सीवर लाइनें बिछाई गई थीं। इसके साथ ही मोहल्ला थान सिंह में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का कार्य शुरू किया गया। कुछ कार्य हुआ भी, लेकिन पर्याप्त बजट न मिलने के कारण कार्य रोक दिया गया। इसके बाद आवास विकास कालोनी में प्लांट स्थापित कर सीवर लाइनें बिछाई गई, लेकिन यह प्लांट भी दो दिन चलकर बंद हो गया।
अब तक यह हुए प्रयास
दोनों सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट ठप होने की सूचना शासन को भेजी गई। प्लांट की जांच करने को बरेली व शाहजहांपुर से इंजीनियरों का दल यहां पहुंचा। जांच में मोहल्ला थान सिंह में लगे प्लांट में तो खामियां पाई गईं, लेकिन आवास विकास कालोनी का प्लांट दुरुस्त पाया गया। जांच रिपोर्ट शासन स्तर पर भेजी गई, लेकिन उसके बाद इस मामले में बड़े स्तर पर कोई प्रयास नहीं किए गए।
देवहा हो रही है प्रदूषित
सीवरेज प्लांट की स्थापना का मकसद था कि शहर भर के मैला ट्रीटमेंट कर उसे नदी में बहाया जा सके लेकिन अपने शहर में बरसों से गंदे पानी को बिना शुद्ध किए देवहा में बहाया जा रहा है। इससे देवाहुति कही जाने वाली देवहा का रंग होकर प्रदूषित हो चुका है।
शासन को किया कई बार पत्राचार
सीवरेज प्लांट को लेकर शासन को कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामला बड़े बजट का है, इसीलिए शासन के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
प्रभात जायसवाल, नगरपालिका अध्यक्ष
फैक्टफाइल:
- 2.25 लाख है शहर की आबादी
- 30 छोटे बड़े नाले हैं शहर में
- 40 लीटर/प्रति व्यक्ति रोजाना होता है पानी का उपयोग