बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक संजय सिंह के स्थानांतरण पर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया है। कोर्ट ने इसे राजनैतिक आधार पर किया गया स्थानांतरण बताकर निरस्त कर दिया और लिपिक को उसी पद व स्थान पर कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही निदेशक बेसिक शिक्षा, संयुक्त शिक्षा निदेशक, बीएसए और शिकायतकर्ता शमशुल हसन को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
बेसिक शिक्षा कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक पर प्रधानाध्यापक शमशुल खां ने कई स्तरों पर शिकायतें की थीं। इस पर संयुक्त शिक्षा निदेशक माया रंजन ने 23 मार्च को उसका स्थानांतरण राजकीय बालिका इंटर बरखेड़ा कर दिया था और जिले के नोडल अधिकारी एवं परिवहन आयुक्त के निर्देश पर उन्हें रिलीव कर दिया गया था। इस स्थानांतरण के खिलाफ वरिष्ठ लिपिक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
16 अप्रैल को न्यायाधीश विवेक कुमार बिरला के कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई। वरिष्ठ लिपिक के अधिवक्ता आरके ओझा की दलीलें सुनने के बाद होईकोर्ट ने इसे राजनैतिक आधार पर किया गया स्थानांतरण मनाते हुए निरस्त कर दिया।
बताया जाता है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिकायतकर्ता शमशुल ने भी केबिएट दाखिल की लेकिन इसे हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया। वरिष्ठ लिपिक को स्टे मिलने पर प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री उमेश गंगवार, इंद्रपाल, हरपाल सिंह, अनीस अहमद, शिक्षामित्र संघ के महेंद्र पाल, रामसिंह राठौर, दिलनवाज खां आदि ने खुशी व्यक्त की है।