पीलीभीत। ऑपरेशन के नाम पर पांच हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में घिरे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पर जब शिकंजा कसा तो वह अब पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बना रहा है। उधर, पीड़ित परिवार ने समझौता करने से इन्कार करते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
कलीनगर क्षेत्र के बासखेड़ा निवासी राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। शिकायत में कहा था कि 23 अक्तूबर को वह अपनी पत्नी का सीजर करने मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। ऑपरेशन के लिए डॉक्टर के चालक ने पांच हजार रुपये लिए। पत्नी का ऑपरेशन होने के बाद अस्पताल के वार्ड बॉय ने दो हजार रुपये वसूल लिए।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद अफसरों ने संबंधित डॉक्टर और स्टाफ से स्पष्टीकरण तलब किया। विभागीय जांच शुरू होते ही आरोपी डॉक्टर को लगा कि कहीं अब कार्रवाई न हो जाए। इसके डर से पीड़ित परिवार से संपर्क कर समझौता कर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहा है। उधर, पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह समझौता नहीं करेगा। इधर, सीएमएस डॉ. राजेश ने आरोपी डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ से जवाब मांगा है।
बच्चे के जन्म पर मिठाई के नाम पर लिए जाते हैं रुपये
मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल के लेबर रूम में बच्चे के जन्म के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली की जाती है। स्टाफ बिना सुविधा शुल्क लिए परिवार को नवजात बच्चा नहीं देता। मिठाई के नाम पर वसूली होती है। अस्पताल में यह रोज का खेल है, लेकिन कोई शिकायत न होने के चलते मामले का खुलासा नहीं हो पाता।