पीलीभीत। सर्दियों के मौसम में शारदा डैम समेत जिले के जलाशयों और वेटलैंड्स में डेरा डालने वाले विदेशी परिंदों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग सतर्क हो गया है। सेंट्रल एशिया, रूस और अलास्का समेत ठंडे क्षेत्रों से आने वाले प्रवासी पक्षियों के शिकार की आशंका को देखते हुए शासन ने अलर्ट जारी किया है। इनके प्रवास स्थलों पर निगरानी बढ़ाने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में सघन गश्त और औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। शिकार या अवैध कारोबार की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे शारदा सागर डैम सहित जिले के विभिन्न जलाशयों, झीलों और वेटलैंड्स में हर साल सर्दियों के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिकारियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा वेमुरी ने संबंधित वन अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद स्थानीय स्तर पर भी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की गई है। शासन ने वन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रवासी पक्षियों के जमावड़े वाले वेटलैंड्स और अन्य जलीय क्षेत्रों को चिह्नित कर नियमित गश्त कराई जाए। खासकर उन स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए, जहां पक्षियों की संख्या अधिक रहती है या अवैध शिकार की आशंका हो सकती है। डीएफओ मनीष सिंह का कहना है कि शरद ऋतु के आगमन के साथ ही जिले के जलीय क्षेत्रों और वेटलैंड्स में विदेशी प्रवासी पक्षियों की आमद शुरू हो गई है। उनकी सुरक्षा के लिए सभी रेंजों में विशेष गश्त और निगरानी टीमें गठित की गई हैं।
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स्थानीय लोगों को जोड़कर बनाए जाएंगे पक्षी मित्र
प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए वन विभाग जनजागरूकता अभियान भी चलाएगा। इसमें स्थानीय ग्रामीणों, पर्यावरण प्रेमियों, पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। वेटलैंड्स में प्रवासी पक्षियों की भूमिका और जलीय जैव विविधता के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही पक्षी मित्र बनाए जाएंगे, जिनसे नियमित संपर्क रखकर संबंधित क्षेत्रों की गतिविधियों का फीडबैक लिया जाएगा।