संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। बिलसंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत पंडरी मरौरी में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता सामने आने पर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग और पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही की पुष्टि होने पर तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी पंकज शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, तत्कालीन एडीओ पंचायत हरिश्चंद्र भारतीय को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पूर्व प्रधान और सचिव से धनराशि की वसूली करने के साथ अन्य संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
मामला ग्राम पंचायत पंडरी मरौरी का है। गांव निवासी राम बहोर ने स्वास्थ्य उपकेंद्र की गली में इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण न होने के साथ ही सरकारी बजट में गड़बड़ी की शिकायत की थी। शिकायत और शपथपत्र के आधार पर तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर अंतिम जांच समिति गठित की गई थी। उप निदेशक कृषि और अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा की दो सदस्यीय समिति ने मौके पर जाकर जांच की और अभिलेखों का परीक्षण किया।
जांच में सामने आया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र की गली में इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण का कार्य नहीं कराया गया। इसके बावजूद ग्राम प्रधान के परिजनों को दिव्यांग शौचालय, खेल मैदान और बाउंड्रीवॉल आदि के नाम पर नियमविरुद्ध तरीके से 92,619 रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा ग्राम प्रधान के पौत्र को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत व्यक्तिगत शौचालय आवंटित कर 12 हजार रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किए जाने की पुष्टि हुई। इस तरह कुल 1,04,619 रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया।
अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम आलोक कुमार ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी पंकज शर्मा को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, वर्तमान में बरेली जिले के भदपुरा ब्लॉक में तैनात एडीओ पंचायत हरिश्चंद्र भारतीय को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के लिए डीपीआरओ बरेली को निर्देशित किया गया है। तत्कालीन पंचायत सचिव रोशनी वर्मा के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू करने को कहा गया है।
पूर्व प्रधान और सचिव से होगी धनराशि की वसूल
जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर निवर्तमान ग्राम प्रधान मुन्नी देवी और तत्कालीन सचिव पंकज शर्मा से 81,807 रुपये की आधी-आधी धनराशि वसूलकर ग्राम निधि खाते में जमा कराई जाएगी। दोनों से 40,903-40,903 रुपये जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, व्यक्तिगत शौचालय के लिए आवंटित 12 हजार रुपये में से शेष किस्तों की वसूली के आदेश भी दिए गए हैं।
डीएम ने स्वास्थ्य उपकेंद्र की गली में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नाली और इंटरलॉकिंग का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन-
विकास कार्यों में लापरवाही और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में सचिव को निलंबित किया गया है। तत्कालीन एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए हैं। दुरुपयोग की गई धनराशि की शत-प्रतिशत वसूली के आदेश भी जारी किए गए हैं।
— रोहित भारती, डीपीआरओ