बाल विकास परियोजना के पोषाहार गोदाम के निरीक्षण में प्रभारी अनुपस्थित मिले जबकि एक प्राइवेट कर्मी पोषाहार का वितरण कर रहा था। इस पर डीपीओ और बीडीओ ने विभिन्न वाहनों पर लदे पोषाहार के कट्टों को उतरवाकर गोदाम में रखवा दिया और फिर गोदाम सील कर दिया। कार्यालय के अभिलेख भी कब्जे में ले लिए।
सीडीओ के निर्देश पर सोमवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकपूर और क्षेत्र पंचायत अधिकारी ऋषिपाल सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ विकास परियोजना के पोषाहार गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान गोदाम प्रभारी चंद्रप्रकाश गायब मिले। जबकि आंगनबाड़ी वर्कर्स को पोषाहार का वितरण एक प्राइवेट कर्मचारी न्यूरिया निवासी मोहम्मद राशिद करता मिला। राशिद ने बताया कि गोदाम प्रभारी आए थे लेकिन तबियत खराब होने पर चले गए जबकि मौजूद आंगनबाड़ी वर्कर्स ने बताया कि वह आए ही नहीं हैं। डीपीओ ने पोषाहार वितरण रजिस्टर का निरीक्षण किय। इसमें पोषाहार प्राप्त करने वाली आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं केंद्र के नाम तो अंकित थे लेकिन किसको कितने बैग दिए जा रहे हैं यह दर्ज नहीं था। इस दौरान डीपीओ ने आंगनबाड़ी वर्कर्स द्वारा टेंपो, तांगा एवं अन्य वाहनों पर लादे गए पोषाहार के कट्टों को उतरवा कर गोदाम में रखवा दिया। मौजूद आंगनबाड़ी वर्कर्स के बयान दर्ज करने के बाद डीपीओ ने कार्यालय के अभिलेख कब्जे में लेेकर गोदाम सील कर दिया। इस बाबत जानकारी करने पर डीपीओ ने बताया कि संबंधित लिपिक/गोदाम प्रभारी चंद्रप्रकाश का जवाब तलब किया जा रहा है।
पचास किमी दूर अमरिया में है तैनाती
पोषाहार गोदाम प्रभारी का अतिरिक्त काम देख रहे चंद्रप्रकाश की मूल तैनाती बरखेड़ा से 50 किमी दूर अमरिया ब्लाक में लिपिक के रूप में है। अमरिया से 50 किमी दूर बरखेड़ा के पोषाहार गोदाम का चार्ज दिया जाने अपने आप में बड़ा सवाल है।