पीलीभीत। बरेली-सितारगंज हाईवे के भूमि अधिग्रहण के मामले में घपलेबाजी खुलने के बाद मुआवजा को लेकर जिम्मेदार चौकन्ने हो गए हैं। अब अमरिया और सदर तहसील क्षेत्र के गांवों में बनाए गए ढांचों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ही मुआवजा को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने सदर और अमरिया एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
बरेली-पीलीभीत- सितारगंज हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण में किसानों की जमीनों को खरीदने कर मोटा मुआवजा लेने का मामला खुला है। इसमें शासन स्तर से दोषियोें पर कार्रवाई की जा रही है। मामला सुर्खियों में आने के बाद एसएलओ कार्यालय के जिम्मेदार भी चौकन्ने हो गए हैं। सबसे अधिक घपलेबाजी जमीन पर मुआवजा के लिए बनाए गए ढांचों में सामने आई है।
इसके बाद ढांचों के मुआवजा पर रोक लग गई है। जिले में सदर और अमरिया तहसील में किसानों की जमीन पर ढांचों के मुआवजा को लेकर पेच फंस गया है। ढांचों के भौतिक सत्यापन को लेकर बरेली से मिले निर्देश के बाद अब यहां पर भी जांच कराई जाएगी।
इसके लिए भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने सदर और अमरिया तहसील के एसडीएम को पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि वह लोग अपने-अपने क्षेत्र में हाईवे के लिए अधिग्रहित भूमि पर बने ढांचों का भौतिक सत्यापन करेंगे। भूमि अध्याप्ति अधिकारी विजय वर्धन तोमर ने बताया कि दोनाें तहसीलों के एसडीएम से ढांचों की जांच कराई जा रही है। मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे और उनकी रिपोर्ट आने के बाद मुआवजा को लेकर कवायद की जाएगी।