पीलीभीत। बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण में हुई घपलेबाजी की जांच रिपोर्ट अधिकारियों की सुस्ती के चलते अब तक बरेली नहीं भेजी गई है। जिलाधिकारी ने तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।
बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजा वितरण में धांधली करने वालों के नाम बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे में भी घपलेबाजी करने में शामिल पाए गए थे। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मंडलायुक्त समेत अन्य अधिकारियों से की थी। इसके बाद मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने जिलाधिकारी को स्ट्रक्चरों की जांच कराने के निर्देश दिए गए थे।
जिलाधिकारी ने बीसलपुर एसडीएम, एनएच के सहायक अभियंता और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की जांच टीम गठित की थी। इसको एसडीएम नागेंद्र पांडेय ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर स्ट्रक्चरों की स्थिति को परखा था। स्थलीय निरीक्षण करे हुए करीब एक सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अब तक अधिकारियों की ओर से जांच रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है।
इसकी वजह से जिलाधिकारी तक जांच रिपोर्ट नहीं पहुंची है। जांच रिपोर्ट सामने आने से सभी घपलेबाजों के नाम सामने की उम्मीद जताई जा रही है। बरेली-सितारगंज हाईवे प्रकरण की तरह ही बाहर से आए घपलेबाजों ने एलाइनमेंट के दायरे वाली जमीन को खरीदा था। इसके बाद आनन फानन में स्थायी व अस्थायी ढांचे खड़े कर दिए गए। सर्वे करने गए अधिकारियों को मुआवजा अधिक लेने के लिए और मूल्यांकन रिपोर्ट में ढांचों को कई वर्ष पुराना बताया गया। ताकि मुआवजा अधिक से अधिक मिल सके।
इसकी शिकायत तत्कालीन अधिकारियों और एसएएलओ से भी की गई थी। मामले में लेखपालों की संलिप्तता होने की भी शिकायत की गई थी, लेकिन डीएम का तबादला होने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इससे घपलेबाजों को अवसर मिल गया। घपलेबाजों की देखा देखी अन्य ग्रामीणों ने भी ढांचे खड़े कर लिए। बरेली सितारगंज हाईवे में घपलेबाजी सामने आने पर बीसलपुर के ग्रामीण खुलकर सामने आ गए। हाईवे की घपलेबाजी की शिकायत मंडलायुक्त से की गई, जिस पर जांच करने के निर्देश दिए गए थे।
जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। लोक निर्माण विभाग आकलन कर रहा है। जैसे ही रिपोर्ट आएगी। जिलाधिकारी को भेज दी जाएगी। -नागेंद्र पांडेय, एसडीएम, बीसलपुर