विकास विभाग में तैनात 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कर्मचारियों की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। ऐसे कर्मचारियों की शारीरिक, मानसिक कार्यक्षमता एवं कार्य आचरण के आधार पर अनिवार्य सेवानिवृत्त की कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ ने इसके लिए आदेश जारी किए हैं। स्क्रीनिंग के आदेश की जानकारी से कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
विकास भवन में कई कर्मचारी 50 वर्ष से अधिक आयु के हैं। इनमें से कुछ तो अक्सर बीमार रहते हैं। कुछ काम करने में अक्षम हैं। नियमानुसार इस तरह के अधिकारी, कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का निर्धारण करने के लिए स्क्रीनिंग कमेटी बनाकर जांच कराई जा सकती है। सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी ने इसी के तहत विकास विभाग में तैनात 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कर्मचारियों की स्क्रीनिंग कराने के आदेश डीडीओ एके सिंह चंद्रौल को जारी किए हैं। सीडीओ ने बताया कि कर्मचारियों की शारीरिक, मानसिक क्षमता, कार्य आचरण सहित तमाम बिंदुओं पर जांच की जाएगी। इसकी रिपोर्ट मिलने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई को डीएम की संस्तुति सहित रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो वर्तमान में करीब 18 कर्मचारी विभाग में तैनात हैं। सीडीओ के आदेश से ऐसे सभी कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है और शुक्रवार को पूरे दिन विकास भवन में इसकी चर्चा होती रही।