स्कूल या फिर ट्यूशन का बहाना बनाकर अब नाबालिग वाहन चालक पुलिस के शिकंजे से नहीं बच सकेंगे। एसपी के निर्देश पर स्कूली बच्चों के खिलाफ अभियान की शुरुआत कर दी गई है। पहले दिन गुरुवार को जिले में स्कूल की छुट्टी के वक्त चेकिंग कराई गई। इस दौरान चालान भी काटे गए।
एसपी मुनिराज के आदेश पर गुरुवार दोपहर एक से ढाई बजे तक जिले में चेकिंग अभियान चलाया गया। इसमें खासतौर पर स्कूल से वाहन चलाकर घर लौट रहे नाबालिग विद्यार्थी पुलिस के निशाने पर रहे। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी अतुल प्रधान और कस्बा इंचार्ज राकेश सिंह टीम के साथ छतरी चौराहा पर तो कोतवाल हरगोविंद सिंह चौकी प्रभारियों के साथ नाबालिग बाइकर्स को रोककर कार्रवाई करते रहे। इसके अलावा प्रभारी टीएसआई हिमांचल सिंह ने गौहनिया चौराहा पर मोर्चा संभाला। पुलिस की चेकिंग में विद्यार्थी होने का फायदा उठाकर अक्सर गुजरने की आदत के चलते ये लोग बिना कागजात और तीन सवारी बैठाए मिले। पुलिस ने इन्हें रोककर नियमों के पालन की सीख दी। इसके अलावा 18 से कम उम्र वाले बच्चों को वाहन न चलाने की नसीहत दी। पुलिस ने सभी के चालान भी काटे। सुनगढ़ी पुलिस ने पहले दिन छह, कोतवाली पुलिस ने पांच और टीएसआई ने नौ चालान किए। देहात क्षेत्रों में भी चेकिंग हुई।
शोहदों की धरपकड़ भूल गए मातहत
नाबालिग स्कूली बच्चों के वाहन चलाने पर कार्रवाई के अलावा एसपी मुनिराज ने स्कूलों के आसपास खड़े रहने वाले शोहदों पर भी शिकंजा कसने के निर्देश दिए थे, लेकिन पुलिस सिर्फ वाहन चालकों पर ही कार्रवाई करती रही। शोहदों पर कार्रवाई के लिए सुनगढ़ी, कोतवाली के अलावा महिला थाने की पुलिस भी नहीं निकली।