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पहले दिन खुले कुछ ही स्कूल, ज्यादातर में लटकते रहे ताले

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पूरनपुर। गर्मी की छुट्टियों के बाद एक जुलाई को शिक्षकों को स्कूल पहुंचने के आदेश थे। मगर, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मात्र 400 मीटर दूर प्राथमिक स्कूल नंबर एक में ताले लटकते रहे। नरायनपुर के प्राथमिक स्कूल में भी प्रधानाध्यापिका नहीं मिली। यहां स्कूल 12:15 बजे बंद कर दिया गया, जबकि स्कूल एक बजे बंद होना था। नई बस्ती के प्राथमिक स्कूल में शिक्षा मित्र नहीं पहुंची।
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कोरोना महामारी के चलते मार्च में बंद किए गए स्कूल जुलाई तक बंद रहने के आदेश हैं। मगर, एक जुलाई से स्कूलों में शिक्षकों को पहुंचना था। एक जुलाई को स्कूल खुले भी और शिक्षक भी पहुंचे। मगर, ऐसे स्कूलों की संख्या बहुत कम रही। जिनमें सब शिक्षक समय से पहुंचे हों। बुधवार को प्राथमिक स्कूल हबीबगंज खुला मिला। प्राथमिक स्कूल नई बस्ती में शिक्षक अमीर अहमद खां मौजूद थे। उन्होंने बताया कि शिक्षा मित्र गैर जिले की हैं। सूचना न मिलने से वह स्कूल नहीं आ सकी। खंड शिक्षा अधिकारी के दफ्तर से चंद कदम दूर स्कूल में ताले लटके थे। तीन घंटे पहले अध्यापिका स्कूल में आई थी। स्कूल समय एक बजे तक होने की बात कहने पर बोलीं उनका छोटा बच्चा, परेशान कर रहा था, इसलिए चली गईं। प्रधानाध्यापिका अंजली स्कूल में नहीं थीं। सहायक अध्यापिका ने बताया कि ऑडिट के लिए तहसील मुख्यालय पर गई है। प्राथमिक स्कूल नंबर एक की प्रधानाध्यापिका नईम आरा ने मोबाइल पर बताया कि कोरोना महामारी को लेकर मोहल्ले में हो रही बैरिकेडिंग के चलते कुछ देर पहले ही स्कूल से घर आ गईं थीं।
स्कूल बंद होने का मामला संज्ञान में नहीं आया। पहले दिन कार्य की अधिकता और सीमा क्षेत्र के कामों को लेकर व्यस्त रहा। एनपीआरसी हटा दिए गए हैं, इससे समस्या है। अब स्कूलों का मैं स्वयं निरीक्षण करुंगा। गैर हाजिर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। - सुरेश पाल, खंड शिक्षा अधिकारी
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