पीलीभीत। सरकारी चावल खाद्य निगम के डिपो पर भंडारित न कराए जाने पर प्रशासन की ओर से अंतिम नोटिस जारी करके चार राइस मिलों को दी गई चेतावनी का भी कोई असर नहीं पड़ सका है। नोटिस में दिया समय (22 जून) बीत चुका है। मगर एक मिल ने बकाए का पचास प्रतिशत, जबकि तीन ने तो एक दाना भी चावल का नहीं जमा कराया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने राइस मिल मालिकों से बातचीत कर तीन दिन का समय और देते हुए हर हालत में सरकारी चावल जमा कराने के निर्देश दिए हैं। अगर इसके बाद भी चावल डिपो पर जमा न कराया गया तो गबन के तहत आगे कार्रवाई होना तय है।
जनपद में पिछले साल एक अक्तूबर 2020 से 31 जनवरी 2021 तक धान खरीद हुई थी। लक्ष्य से अधिक 34.03 लाख मीट्रिक टन धान 62975 किसानों से खरीदा गया था। मगर अभी तक सरकारी चावल डिपो तक राइस मिलों द्वारा नहीं पहुंचाया जा सका है। पिछले बृहस्पतिवार को डीएम ने इसकी समीक्षा की थी। जिसमें सामने आया था कि जसवंती राइस मिल पूरनपुर को 58733.81 क्विंटल धान पहुंचाया गया था। इससे उत्पादित 39351.65 क्विंटल सीएमआर के सापेक्ष डिपो पर सिर्फ 19359.15 क्विंटल चावल भंडारित किया गया है। जयगुरु राइस मिल पूरनपुर में 49153.60 क्विंटल धान भेजा गया था। इससे उत्पादित 32932.92 क्विंटल सीएमआर के सापेक्ष डिपो पर 18889.91 क्विंटल चावल भंडारित हुआ है। आरएस इंडस्ट्रीज राइस मिल कलीनगर में क्रय केंद्रों से 25715.23 क्विंटल धान भेजा गया था। इससे उत्पादित 17229.20 क्विंटल सीएमआर के सापेक्ष डिपो पर 15429.20 क्विंटल चावल भंडारित किया गया। सुखवीर एग्रो एनर्जी राइस मिल पुवायां शाहजहांपुर में 344344.80 क्विंटल धान प्रेषित किया गया था। उत्पादित 230711.00 क्विंटल सीएमआर चावल के सापेक्ष डिपो पर 188087.02 क्विंटल चावल ही भेजा जा सका था। अंतिम नोटिस जारी करते हुए चारों राइस मिलों को 22 जून तक सरकारी चावल डिपो में जमा कराने के निर्देश दिए गए थे। मगर इसके बाद भी तेजी नहीं आ सकी है। प्रशासन का दिया गया समय पूरा हो चुका है। चावल जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून है, ऐसे में अगर चावल जमा न हुआ तो गबन माना जाएगा। इसे लेकर अधिकारी भी लगातार मिलों पर दबाव बना रहे हैं। फिर भी तेजी नहीं आ सकी है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने संबंधित राइस मिलर्स से इसे गंभीरता से लेते हुए पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
नोटिस में दिया गया समय पूरा हो चुका है। सुखवीर एग्रो राइस मिल की ओर से बकाए का करीब 50 प्रतिशत सरकारी चावल डिपो पर पहुंचाया गया है। अन्य तीन मिलों से नहीं पहुंचा है। अधिकारियों ने मिल मालिकों से बात कर तीन दिन का और समय दिया है। अगर मिलों से सरकारी चावल जमा न हुआ तो कार्रवाई तय है। इसकी सख्त चेतावनी भी दी गई है। - डॉ. अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ