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प्रवासी श्रमिकों को भी नहीं बख्शा, राशन किटों में किया ‘खेल’

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पीलीभीत। कोरोना संक्रमण काल के दौरान जहां आम आदमी भी अपनी क्षमता के अनुसार बेसहारों की मदद करने में जुटा है, वहीं इस महामारी की आड़ लेकर धंधेबाज गरीबों के साथ ‘खेल’ करने से नहीं चूके। राशन किटों में मंसूरी चावल दिए जाने का प्रावधान है, मगर सप्लायर द्वारा मंसूरी के बजाए मोटा चावल बांट दिया गया। नमक और दाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शिकायत मिलने पर डीएम ने जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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जिले में गैर प्रांतों से लौटे प्रवासी मजदूरों को घर वापसी पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 21 दिन के लिए होम क्वारंटीन होने की सलाह दी जा रही है। क्वारंटीन अवधि में श्रमिकों को खाने पीने की दिक्कत न हो, इसके लिए शासन ने प्रवासी श्रमिकों को राशन किट बांटने के आदेश दिए थे। इस राशन किट में दस किलो आटा, दस किलो मंसूरी चावल, पांच किलोग्राम आलू, दो किलो चना, दो किलो अरहर की दाल, 500 ग्राम नमक, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम हल्दी, 250 धनिया और एक लीटर सरसों का तेल शामिल है। शासन के निर्देशानुसार जिले में प्रवासी श्रमिकों को राशन किट का वितरण किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक करीब 23 हजार प्रवासी श्रमिक घरों को लौट चुके हैं। इसमें 1200 श्रमिकों को राशन किट बांटी जा चुकी है।
राशन किट में भी भ्रष्टाचार का घुन
प्रवासी श्रमिकों को जब राशन किट बांटी गई तो इसमें बेहतर क्वालिटी के मंसूरी चावल की जगह मोटा चावल पाया गया। दाल और नमक की गुणवत्ता पर भी श्रमिकों ने सवाल उठाए। पहले दिन जब सदर तहसील में राशन किट का वितरण किया गया तो श्रमिकों ने इसका विरोध किया था, मगर उन्हें अधिकारियों ने समझा बुझाकर शांत कर दिया था। इधर इस मामले में शिकायत जिला प्रशासन से की गई। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीएम को जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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केवल 150 को बांटी राशन किट, एक हजार से अधिक हैं कतार में
न्यूरिया। नगर पंचायत कार्यालय पर दो और तीन जून को एडीएम अविनाश मौर्य ने दूसरे राज्यों से आए 150 प्रवासी श्रमिकों को राशन किट का वितरण किया था। जबकि कस्बे में एक हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक आ चुके हैं। प्रवासी श्रमिकों का सर्वे कर राशन किटों का वितरण किया जाना चाहिए था, मगर ऐसा नहीं किया गया। जिससे प्रवासियों में आक्रोश है।
राशन किट का मामला संज्ञान में आया है। शिकायत भी आई है। संबंधित फर्म को अभी भुगतान नहीं किया गया है। इस मामले में की जांच कराई जाएगी। यदि गड़बड़ी पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। - वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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