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सफाई कर्मचारियों हड़ताल समाप्त

Sat, 11 Jul 2015 11:13 PM IST
Purnpur
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नगर पालिका सफाई कर्मचारियों की चल रही बेमियादी हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन वार्ता के बाद समाप्त हो गई।
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चेयरमैन पर दलित उत्पीडन का केस दर्ज करने, निकाले गए दो ठेका कर्मचारियों को काम पर वापस लेने आदि  की मांग को लेकर नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने गुरुवार को बेमियादी हड़ताल शुरू कर नगर पालिका कार्यालय गेट के सामने धरना शुरू किया था। पहले दिन ही वार्ता मेें ईओ ने समस्याओं का समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन हड़ताली कर्मचारी धरना स्थल पर चेयरमैन के पहुंचकर मॉफी मांगने की जिद पर अड़े थे। चेयरमैन प्रदीप जायसवाल लल्लन ने अभद्रता के आरोप को निराधार बताते हुए धरना स्थल पर पहुंचने से साफ इनकार कर दिया था। समस्या को लेकर चेयरमैन ने नगर के प्रबुद्ध और आम लोगों की एक बारात घर में शनिवार को बैठक बुलाई। बैठक में करीब सभी ने हड़ताली कर्मचारियों की जिद और हड़ताल को गलत बताया। मामले को निपटाने को वार्ता के प्रयास का निर्णय हुआ। वार्ता के लिए संभ्रांत लोगों के अलवा नपा कार्यालय और सफाईकर्मियों के प्रतिनिधि मंडल के लोगों को शामिल करने का निर्णय हुआ। एसडीएम, सीओ व तहसीलदार की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई। तय हुआ कि हड़ताल की अवधि का वेतन नहीं काटा जाएगा। हटाए गए ठेका सफाई कर्मचारियों को पुन: काम पर रखा जाएगा। उक्त कर्मचारी अब भविष्य में कार्यालय कर्मचारियों से कभी अभद्रता नहीं करेंगे। पुलिस को कार्रवाई को दी गई तहरीरें वापस ली जाएंगी।

वार्ता में यह रहे शामिल
संभ्रांत लोगों में पूर्व विधायक गोपाल कृष्ण सक्सेना, प्रांतीय व्यापारी नेता हंसराज गुलाटी, अशोक खंडेलवाल, मोहम्मद जाहिद खां, हाजी लाडले, विजयपाल विक्की, पूर्व चेयरमैन मुन्ने मियां अंजाना, नगर पालिका सदस्य तौफीक अहमद  कादरी। हड़ताली सफाई कर्मचारियों की ओर से सफाई संघ के प्रांतीय नेता अमीर चंद वाल्मीकि, देवदास, श्रवण, राजेंद्र कुमार, राममूर्ति, हरीओम, नगर पालिका कर्मचारियों की ओर से अमित मिश्रा, गुच्छन खां, कल्याण सिंह, अखिलेश मिश्रा, दिनेश भारती शामिल हुए।
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ईओ पर कर्मचारियों को भड़काने का आरोप
बारात घर में बुलाई गई बैठक में लोगों ने हड़ताल को लेकर जमकर भड़ास निकाली। ईओ सहित तीन लोगों ने जब हड़ताली कर्मचारियों के सुर मिलाने शुरू किए, तब लोगों ने जमकर हंगामा किया। चेयरमैन ने तो ईओ पर कर्मचारियों को भड़काने तक का आरोप लगा डाला। उनका कहना था सब ईओ की बजह से हुआ है। चेयरमैन ने खुले मंच से भी कहा कि उन्होंने अभद्रता नहीं की। वे धरना स्थल बात करने किसी कीमत पर नहीं जाएंगे। चाहे चेयरमैनी रहे या न रहे। हालांकि हड़ताल समाप्त होने के बाद कर्मचारियों की हर समस्या को सुनने का आश्वासन दिया। इससे पहले ईओ सुरेंद्र कुमार का कहना था कि बात को बैठकर निपटा लेना चाहिए।
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