बैठक में जिला सहायक निबंधक रमेश बाबू गुप्ता ने तहसील क्षेत्र की सभी समितियों की बारी-बारी से ऋण वसूली की समीक्षा की। समीक्षा में स्पष्ट हुआ कि बिलसंडा, बरखेड़ा, जोगीठेर, इमलिया गंगी, रामनगर, बमरौली, ग्यासपुर, चुर्रासकतपुर, रसयांखानपुर और परेवा किशनी सहकारी समितियों की वसूली काफी खराब है। इनमें से किसी भी समिति की वसूली 10 प्रतिशत से अधिक नहीं मिली, जबकि मानक के अनुरूप अब तक 50 प्रतिशत से अधिक वसूली हो जानी चाहिए थी। जिला सहायक निबंधक ने इन समितियों के सचिवों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई और एक माह के भीतर ऋण वसूली का लक्ष्य हर हालत में प्राप्त करने के निर्देश दिए। इन सचिवों को यह चेतावनी भी दी गई कि एक माह में लक्ष्य प्राप्त न करने पर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुछ सचिवों ने वसूली करने में आड़े आने वाली दिक्कतें बताईं, जिनका मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
बैठक में जिला सहकारी बैंक के डीजीएम सौरभ गंगवार के अलावा तहसील क्षेत्र की सभी समितियों के सचिव, तीनों सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) और जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक मौजूद रहे। बैठक का संचालन एडीसीओ अशोक चौधरी ने किया।