पीलीभीत। फरवरी का अंतिम समाधान दिवस भी फरियादियों के लिए निराशा भरा रहा। फरियादी तो पहुंचे, मगर शिकायतों का निस्तारण बेदम रहा। टीम बनाकर नई तारीख फरियादियों को दे दी गई। डीएम और एसपी भी शिकायतों का संपूर्ण समाधान कर पाने में नाकाम रहे। कुल 94 शिकायती पत्र प्राप्त हुए। इसमें सिर्फ 14 का ही निस्तारण हो सका। आलम यह रहा कि तीन तहसीलों पर तो शिकायतों निस्तारण शून्य रहा।
जिले की पांचों तहसीलों पर मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक अधिकारियों ने फरियादियों को सुना। हालांकि वसंत पंचमी का दिन होने की वजह से चहल-पहल कम ही रही। फरियादियों की संख्या पर भी खासा असर दिखाई दिया। हर बार जहां फरियादियों की संख्या सवा सौ के करीब पहुंचती थी, वह सौ भी नहीं रही। सदर तहसील में डीएम पुलकित खरे, एसपी जयप्रकाश की अध्यक्षता में हुए समाधान दिवस में स्वास्थ्य, समाज कल्याण, बिजली, शिक्षा समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। यहां पर कुल 30 शिकायतें आई। इसमें से 12 का निस्तारण कराया गया। जमीन और आवास योजना से जुड़ी शिकायतों को जांच टीम बनाकर निस्तारण के निर्देश दिए गए। बीसलपुर में एसडीएम राकेश गुप्ता की अध्यक्षता में सुनवाई हुई। यहां पर 27 शिकायतें प्राप्त हुई, मगर निस्तारण सिर्फ दो का ही कराया जा सका। अन्य तीन तहसीलों पर तो निस्तारण का खाता भी नहीं खुल सका। कलीनगर तहसील में एसडीएम योगेश गौड़ के सामने सात शिकायतें आई। अमरिया में एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्र ने फरियादियों को सुना। यहां 13 शिकायत आई। पूरनपुर में एसडीएम राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में 17 शिकायतें आई। मगर तीनों स्थानों पर निस्तारण शून्य रहा। विभागों की ओर से सरकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉल लगाए गए। कोविड नियमों का पालन कराते हुए फरियादियों को प्रवेश दिया गया। मास्क लगवाने के साथ ही गेट पर कर्मचारी हाथ सैनिटाइज कराते रहे।