पीलीभीत। दिल्ली में भाजपा के चुनाव हारते ही शहर में भी सीएए और एनआरसी के विरोध पर विपक्षी दल लामबंद हो गए। शाहीन बाग की तर्ज पर एनआरसी और सीएए के विरोध में 200 से अधिक महिला-पुरुष अचानक मोहल्ला शेर मोहम्मद में एक प्लाट में जमा हो गए। इसके बाद बाकायदा टेंट लगाकर लाउडस्पीकर से सभा शुरू कर दी। इनके पीछे राजनीतिक दल भी थे। अंजान प्रशासन को जब इसका पता चला तो हड़कंप मच गया। अफसरों ने मौके पर पहुंचकर सख्ती दिखाई और फिर तीन घंटे बाद ज्ञापन लेकर प्रदर्शनकारियों को हटाया।
धरना-प्रदर्शन की शुरुआत बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे हुई। मोहल्ला शेर मोहम्मद में जुगनू की पाकड़ के पास एक मैदान में सीएए-एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के नाम पर मुस्लिम महिलाएं जमा होने लगीं। पुरुष भी काफी संख्या में पहुंचने लगे। मैदान पर बाकायदा टेंट, लाउडस्पीकर और पोस्टर पहले ही लगाए जा चुके थे। धीरे-धीरे पता लगा कि एनआरसी-सीएए का विरोध किया जा रहा है। प्रशासन से पहले से इसकी अनुमति नहीं ली गई थी, न ही प्रशासन को इसकी कोई जानकारी थी। करीब 11 बजे के बाद जब इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई तो खलबली मच गई। कुछ ही देर में सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार, सीओ सिटी प्रवीण मलिक, कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी, इंस्पेक्टर राजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। लोगों से इसको लेकर अनुमति मांगी गई तो वे इसे निजी जगह पर विरोध जताने की बात कहने लगे। अधिकारियों ने इसको कानूनन गलत बताते हुए हटने को कहा, मगर कोई नहीं माना। फिर अफसरों ने सख्ती करते हुए पुरुषों की भीड़ को हटाना शुरू कर दिया। अफसरों से कुछ लोग भिड़े उन्हें अनुमति न होने के कारण कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इस सबके बीच महिलाएं भीतर मौजूद रहकर सभा करती रहीं। दोपहर करीब एक बजे महिलाओं ने सीएए-एनआरसी के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। इसके बाद सभी को हटा दिया गया।
भड़काने पर किसान मजदूर संगठन के नेता को लिया हिरासत में
अधिकारी मौके पर मौजूद महिलाओं से बातचीत कर उन्हें घर जाने के लिए कह रहे थे। इस बीच कुछ महिलाएं उठकर जाने लगीं। इस दौरान किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष यूसुफ मलिक आ गए और महिलाओं को जाने से रोकने लगे। इस पर सीओ सिटी ने भड़काने के आरोप में मलिक को पुलिस से पकड़वा कर कोतवाली भेज दिया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष को कर दिया गेट के बाहर
प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए अधिकारी पुलिस बल के साथ बातचीत कर रहे थे। इस बीच कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा पहुंच गए। वह प्रदर्शन स्थल पर भीतर घुसे ही थे कि उनको पुलिस ने रोक लिया। वह महिलाओं को समर्थन देने की बात कहने लगे। पुलिस ने एक न सुनी और उन्हें बाहर कर दिया। इसके बाद उन्हें भीतर नहीं घुसने दिया गया।
..तो पर्दे के पीछे का खेल कुछ और
एनआरसी-सीएए के विरोघ में अचानक हुए इस प्रदर्शन के पीछे कुछ राजनीतिक पार्टियों के होने का शक गहराया है। कुछ बाहरी महिलाएं शामिल होने की बात भी चर्चा में है। मौके पर कई पार्टियों से जुड़े लोग देखे गए। पहले इनकी ओर से भी विरोध प्रदर्शन के आह्वान किए जा चुके हैं, मगर सफल नहीं हो पाए थे। अब इस प्रदर्शन को भी सुनियोजित माना जा रहा है।
खानपान की भी थी पूरी तैयारी
प्रदर्शन में शामिल होने आए लोगों के खानपान की भी पूरी व्यवस्था की गई थी। भीड़ हटाने के बाद जब कुछ पुलिसकर्मी टेंट के पीछे की तरफ पहुंचे तो उनकी नजर पड़ी। यह सुनकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। इसी वजह से बाद में आनन- फानन में कार्रवाई की जाने लगी।
अब जुमे को लेकर अलर्ट.. रूट मार्च निकाला
बृहस्पतिवार के विरोध प्रदर्शन के बाद अब प्रशासन की नजर शुक्रवार यानि जुमे पर है। महिलाएं के अचानक जमा होने से अब शाहीन बाग से जोड़कर देखा जाने लगा। कानपुर में भी विवाद हो चुका है। दोपहर बाद एडीएम अतुल कुमार, एएसपी रोहित मिश्र की अगुवाई में पुलिस बल के साथ कमल्ले पुलिस चौकी से रूट मार्च निकाला गया। इसके अलावा शुक्रवार के लिए भी ड्यूटी चार्ज तैयार कराया है।
एहतियातन बुला ली गई पांच थानों की पुलिस
मुस्लिम आबादी वाले इलाके में प्रदर्शन का पता लगते ही अफसर तैयारियों में जुट गए। बरखेड़ा, न्यूरिया, माधोटांडा, जहानाबाद समेत पांच थानों की पुलिस को बुला लिया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी आ गए। इसको लेकर मंथन किया जाने लगा। जिस स्थान पर भीड़ जुटी थी, वहां पुलिस बल तैनात कर दिया है।
..जब सिटी मजिस्ट्रेट का आया नाम
सबसे पहले कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी फोर्स के साथ लोगों को बिना अनुमति प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने पहुंचे। उन्होंने जब बातचीत की तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट का नाम लेते हुए कहा कि उनसे मौखिक अनुमति मिलने के बाद कार्यक्रम किया गया है। इस बातचीत के दौरान ही सिटी मजिस्ट्रेट भी आ गए। इस बात पर काफी देर तक नोकझोंक होती रही। सिटी मजिस्ट्रेट ने सख्त रुख के साथ चेताया। साफ कहा कि चार लोगों के ज्ञापन देने की बात उनसे कही गई थी..अब गुमराह करने का काम न किया जाए।
एनआरसी-सीएए के विरोध को लेकर बिना अनुमति लिए महिला-पुरुष एक स्थान पर आकर जमा हो गए थे। उन्हें हटवा दिया गया है। इसकी जानकारी न होने पर खुफिया विभाग, संबंधित चौकी-बीट पुलिस का जवाब तलब किया है। -अभिषेक दीक्षित, एसपी