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मिट्टी की ढांग में दबकर  महिला की मौत, दो घायल

Tue, 31 May 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमरिया।
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मौत - फोटो : अमर उजाला
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अमरिया क्षेत्र के सद्दरपुर गांव में घटना से मचा हड़कंप
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तालाब से मिट्टी निकालते वक्त हुआ हादसा 
 तालाब से मिट्टी निकालने गई एक महिला की मिट्टी की ढांग गिरने से उसमें दबकर मौत हो गई। महिला के भाई-बहन गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बमुश्किल बचाया। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घर वालों के पोस्टमार्टम से इंकार करने पर पुलिस ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की है। 
थाना क्षेत्र के गांव सद्दरपुर के रहने वाले कोमिल प्रसाद खेती करते हैं। किसान के मकान में लिपाई-पुताई करने के लिए सोमवार शाम उसकी तीस वर्षीय बेटी प्रेमवती, ऊषा और बेटा महेंद्र गांव के बाहर स्थित पिपलिया तालाब पर मिट्टी लेने के लिए गए हुए थे। तालाब के गढ्ढे में उतरकर तीनों मिट्टी निकाल रहे थे। इस बीच अचानक तालाब किनारे मिट्टी की ढांग गिर गई। जिसमें तीनों दब गए। चीख पुकार सुनकर आसपास के गांव वाले मौके पर पहुंच गए। मिट्टी की ढांग में दबे तीनों लोगोंबको बाहर निकाला गया। कुछ ही देर में सूचना पाकर परिवारीजन भी आ गए। हादसे में प्रेेमवती की मौके पर ही मौत हो गई। महेंद्र और ऊषा को गंभीर हालत में क्षेत्र के सरकारी अस्पताल भिजवाया गया। यहां हालत गंभीर होने पर दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। 
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हादसे से गमगीन हो गया घर का खुशनुमा माहौल 
किसान कोमिल प्रसाद के घर का खुशनुमा माहौल दुखद हादसे से एक पल में गमगीन हो उठा है। मृतक प्रेमवती की शादी करीब दस साल पहले संभल जिले के चंदौसी क्षेत्र के सेंथल गांव के रहने वाले चेतराम से हुई थी। उसके तीन बच्चे आठ वर्षीय गोविंद, तीन वर्षीय हरीश और पांच महीने की मासूम बच्ची लक्ष्मी है। दस दिन पहले ही पूरे परिवार के साथ वह बच्चों को नाना-नानी के घर घुमाने आई थी। छोटी बहन ऊषा भी अपने परिवार के साथ मायके में ही थी। पूरा परिवार एक स्थान पर एकजुट रहने पर किसान के घर खुशनुमा माहौल था। पर इस खुशी को शायद किसी की नजर लग गई। हादसे में प्रेमवती की मौत हो गई और उसके भाई बहन अस्पताल में है। एक ओर परिवार में उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां हैं, तो दूसरी ओर घायलों के स्वास्थ्य की चिंता। पूरा गांव परिवार के गम में शरीक है। पांच महीने की मासूम लक्ष्मी को लेकर हर कोई मायूस है।  
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