पीलीभीत। दावत में जा रहे दंपती से बाइक सवार तीन बदमाशों ने तमंचे के बल पर नकदी-जेवर लूट लिए। विरोध करने पर उनकी 13 वर्षीय पुत्री की पिटाई की गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने जानकारी की। इसके बाद बदमाशों को पकड़ने के बजाय पीड़ित पर मामला रफादफा करने का दबाव बनाया जाने लगा। नतीजतन कई घंटे बाद भी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
गजरौला थाना क्षेत्र के खाग गांव निवासी किशन लाल खेती करते हैं। एक रिश्तेदार के घर दावत में शामिल होने के लिए अमरिया क्षेत्र के गांव निसावा जाने को सोमवार रात नौ बजे घर से निकले। बाइक पर उनके साथ पत्नी शकुंतला देवी और 13 वर्षीय पुत्री राजकुमारी भी थी। निसावा नहर के पास पहुंचते ही पीछे से आए बाइक सवार तीन बदमाश आए। बदमाशों ने किसान की चलती बाइक से चाबी निकाल ली। इसके बाद बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। बदमाशों ने दंपती को तमंचे की नोक पर ले लिया। जान से मारने की धमकी देते हुए आठ हजार रुपये, मंगलसूत्र, पायल, झाले समेत एक लाख के जेवर लूट लिए। किशोरी राजकुमारी ने विरोध किया तो बदमाशों ने उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद बदमाश निसावां गांव की तरफ भाग गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। यूपी 112 और अमरिया पुलिस मौके पर पहुंची। मौका मुआयना कर जानकारी की गई। इसके बाद पुलिस लूटपाट की घटना को मैनेज करने में जुट गई। दूसरे दिन मंगलवार को भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
पीड़ित का बेटा बोला, पुलिस निपटाने पर दे रही जोर
किसान किशन लाल के बेटे अर्जुन से जब बातचीत की गई तो उसने पुलिस की कलई को खोलकर रख दिया। कहा कि घटना का पता लगते ही सोमवार रात को वह अमरिया पहुंच गया था। पुलिस माता-पिता पर दबाव बना रही थी कि इस मामले को निपटा लिया जाए। खुद के पास से नकदी वापस करने की बात कह दी गई थी। इस पर उसके परिजन राजी नहीं हुए। पुलिस ने बात में यह कह दिया किसी को लूटपाट की जानकारी न दी जाए।
बड़ेपुरा तिराहा से पीछे लग गए थे बदमाश
पीड़ित पक्ष की मानें तो बदमाश बड़ेपुरा तिराहा के पास से उनका पीछा कर रहे थे। बड़ेपुरा तिराहा पर निसावां गांव जाने के लिए उन्होंने लुटेरों से ही रास्ता पूछा था। इसके बाद से लुटेरों की बाइक पीछे आ रही थी, जिसको वह समझ नहीं पाए।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी। दंपती से जानकारी कर लुटेरों का सुराग लगाया जा रहा है। घटना को मैनेज करने के लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। कानूनी कार्रवाई के लिए अभी तहरीर नहीं मिली है। - उदयवीर सिंह, एसओ अमरिया