पीलीभीत। जिले के पूरनपुर, बीसलपुर, माधोटांडा, अमरिया समेत तमाम मार्गों पर रोडवेज बसों का संचालन न के बराबर हो रहा है। सभी मार्गों पर डग्गामार वाहनों का एकाधिकार है। माधोटांडा मार्ग पर तो सफर पूरी तरह डग्गामार वाहनोंं पर ही निर्भर है। रोजाना हजारों यात्री रोजाना जिला मुख्यालय तक सफर करते हैं। शाम ढलते ही जिले के अधिकांश मार्गों पर रोडवेज बसों के पहिये थम जाते हैं।
जिले में परिवहन निगम की बस सेवा पूरी तरह लचर है। मार्गों पर पर्याप्त बसें न होने से डग्गामार वाहनों की मनमानी हावी है। बीसलपुर, पूरनपुर, अमरिया, माधोटांडा आदि मार्गों पर 10 हजार से ज्यादा यात्रियों को रोजाना आना-जाना होता है।, जबकि परिवहन विभाग स्थानीय मार्गों पर सवारियां न होने का रोना रोता रहता है। रात में तो जिला मुख्यालय से तहसीलों तक आना जाना दुश्वार हो जाता है। असम चौराहे पर रात में लोगों को सड़क किनारे ट्रकों आदि का इंतजार करते देखा जा सकता है। वाहन न मिलने पर कई यात्री तो रात सड़क किनारे सोकर काटते हैं।
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फैक्ट फाइल
यह है रोडवेज बसों की स्थिति
कुल बसें 88
निगम की बसें 79
अनुबंधित बसें 09
बीसलपुर रूट 08
पूरनपुर रूट 10
अमरिया रूट 02
माधोटांडा रूट 01
डग्गामार वाहन (अनुमानित आंकड़े)
बीसलपुर मार्ग 50
पूरनपुर मार्ग टाटा मैजिक 70
पूरनपुर मार्ग पर प्राइवेट बसें 25
अमरिया मार्ग पर प्राइवेट बसें 30
अमरिया मार्ग पर डग्गामार वाहन 35
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वर्जन:
मार्गों पर सवारियों के हिसाब से रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। जहां जरूरत महसूस होती है, वहां बसें बढ़ा दी जाती हैं। फिर भी अगर किसी मार्ग पर ज्यादा दिक्कत है, तो बसों का संचालन कराया जाएगा। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम।