बीसलपुर चौसरा मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी।संवाद
बीसलपुर। बाढ़ का प्रकोप धीमे-धीमे कम जरूर हो रहा है मगर, अभी पूरी तरह से राहत नहीं मिल पाई है। कई मार्गों पर जलभराव की वजह से लोगों को घूमकर सफर करना पड़ रहा है। दर्जनों गांव के लोग आवागमन की दिक्कत से जूझ रहे हैं।
नगर से चौसरा जाने वाले मार्ग पर अभी भी पानी भरा हुआ है l गांव रमभोजा के पास माला नदी के पुल पर भी पानी बह रहा है। इस वजह से यहां से आवागमन ठप है। आसपास के गांवों के लोग लंबा चक्कर लगाकर दियोरिया रोड होते हुए बीसलपुर आ रहे हैं। गांव अमृता खास और बैरा के बीच रपटूआ नदी के पुल पर भी पानी बह रहा है। सेंट्रल वेयर हाउस में पानी भरा होने के कारण चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वॉच टावर के ऊपर बैठकर ड्यूटी कर रहे हैं।
नगर की हरित नगर कॉलोनी में भी अभी पानी भरा हुआ है l गांव नवदिया सितारगंज से रपटूआ पुल तक लगभग ढाई किलोमीटर की दूरी तक जलभराव है। गांव अकोला से अहिरवाड़ा जाने वाले मार्ग पर करीब दो किलोमीटर की लंबाई में आधा मीटर की ऊंचाई तक बाढ़ का पानी भरा हुआ है। बनी गांव की प्रधान किरण गोस्वामी ने बताया कि उनके गांव के पास स्थित कटना नदी के पुल की एप्रोच रोड चार दिन बाद भी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सही नहीं कराई है, जिसके कारण उधर का आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
तहसीलदार करम सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह देवहा नदी में चार हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे देवहा नदी का जलस्तर कुछ बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि शनिवार को गांव शेखापुर के 50 बाढ़ पीड़ितों को भोजन के पैकेट बांटे गए।
बीसलपुर चौसरा मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी।संवाद
बीसलपुर चौसरा मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी।संवाद