मझोला (पीलीभीत)। 1.27 करोड़ रुपये खर्च कर 10 किमी लंबे मझोला-दियूनीडाम मार्ग को छह माह पूर्व ठीक कराया गया था, जो एक बार फिर गड्ढों में तब्दील हो गया। आरोप है कि लोनिवि ने उस ठेकेदार को कार्य सौंपा, जिसके खिलाफ कई शिकायतें थीं।
वर्ष 2009-10 में 2.11 करोड़ रुपये खर्च कर इस मार्ग का निर्माण कराया गया था, वित्तीय वर्ष 2014-15 तक सड़क के रखरखाव का जिम्मा संबंधित ठेकेदार का था। इस बीच कई बार पैच वर्क भी कराया गया। बाद में सड़क में जगह-जगह गड्ढे हो जाने पर तत्कालीन डीएम से शिकायत की गई। जिसपर जिलाधिकारी के निर्देश पर सड़क की मरम्मत कराई गई, लेकिन वह भी अधिक समय तक नहीं टिक पाई।
इसके बाद लंबे पत्राचार के बाद कई वर्ष बीतने के बाद वर्ष 2023 में इस सड़क की दोबारा मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से 1.27 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ। आरोप है कि ठेका उस ठेकेदार को दिया गया जिसके खिलाफ कई शिकायतें थीं। एक बार फिर ठेकेदार ने सड़क की मरम्मत के दौरान मानकों का पालन नहीं किया। ग्रामीणों ने इस बात की शिकायत बरखेड़ा विधायक प्रवक्तानंद से भी की।
शिकायत के बाद विधायक ने मौके पर जाकर सड़क की गुणवत्ता को परखा तो पूरी परत हाथ में आ गई। इस पर काम रुकवा दिया गया। लगभग एक महीने तक सड़क का निर्माण कार्य रुका रहा। बाद में ठेकेदार ने गलती स्वीकार कर मार्ग का दोबारा निर्माण शुरू किया। यह और बात है कि वह मनमानी से बाज नहीं आया। नतीजतन छह माह बाद एक बार फिर मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया। ऐसे में अब यहां से निकलने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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हाकी खिलाड़ी सिमरनजीत का घर भी है इसी मार्ग पर
दियूनी डाम मार्ग पर ही भारतीय हाकी टीम के खिलाड़ी सिमरनजीत का घर भी है। उनके पिता इकबाल सिंह का कहना है कि सड़क के निर्माण और मरम्मत के नाम पर महज खानापूर्ति की गई है। अधिकारी घपलेबाजी को नजरअंदाज कर रहे हैं।
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सड़क जलभराव से खराब हुई है। वही ठेकेदार इसको ठीक कराएगा, जिसने इसका निर्माण कराया है। दो साल तक रखरखाव का जिम्मा उसी ठेकेदार का है।
-उदित नारायण, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग