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Pilibhit News: डीएम ने पूछा-अव्यवस्था क्यों, प्राचार्य और सीएमएस ने एक-दूसरे पर मढ़े आरोप

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मेडिकल कालेज परिसर में रखे हटाए गए फायर सिलेडर । संवाद
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पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान प्राचार्य और सीएमएस ने एक-दूसरे के ऊपर अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया। दोनों को आपस में आरोप-प्रत्यारोप करते देख डीएम ने नाराजगी जताई। साथ ही व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
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मेडिकल कालेज में जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह और अपर जिलाधिकारी रितु पुनिया व्यवस्थाओं को देखने पहुंचे थे, लेकिन यहां उन्हें अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। इसके बारे में जब प्राचार्य व सीएमएस से जानकारी ली तो वह एक-दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप करने लगे।

जिलाधिकारी ने मियाद पूरी कर चुके अग्निशमन सिलिंडर को रिफिल कराने के निर्देश दिए। वहीं, मरीजों ने अपर जिलाधिकारी से शौचालय में पानी उपलब्ध न रहने की शिकायत की, जबकि एक दिन पहले ही मेडिकल कालेज में नया मोटर लगाया गया था। इसपर उन्होंने जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण मांगा है। कहा कि इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि अस्पतालों में डाॅक्टर समय से पहुंचें।
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शौचालय में लटका ताला
निरीक्षण के दौरान ही मेडिकल कॉलेज के महिला वार्ड के शौचालय में ताला लटका रहा। जब निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने ताला लटका होने की वजह पूछी तो कोई जवाब नहीं दे सका। इस पर उन्होंने स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही तत्काल ताला खुलवाने के लिए निर्देशित किया। वहीं, आपातकालीन गेट पर भी ताला लटका होने पर नाराजगी जताते हुए उसको तुरंत खुलवाने के निर्देश दिए।

रिफिल न होने का उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने सोमवार को प्रकाशित हुई खबर के माध्यम से अग्निशमन सिलिंडर के रिफिल न होने का मुद्दा उठाया था। इस दौरान बताया था कि किस तरह मरीजों व स्टाफ की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसका संज्ञान लेने भी अधिकारी मेडिकल कॉलेज आए थे। वहीं,
जिलाधिकारी के जाने के बाद सिलिंडरों को रिफिल कराने को भेजा गया। साथ ही शौचालय में पानी की सप्लाई शुरू की गई।

वेतन न मिलने की अधिकारियों से की शिकायत

महिला अस्पताल में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने जिलाधिकारी से तीन माह से वेतन न मिलने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने इस पर संज्ञान लेते हुए प्राचार्य और सीएमओ को जल्द वेतन दिलाने के निर्देश दिए।
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मैं 24 घंटे मेडिकल कालेज में मौजूद नहीं रह सकती हूं। जो भी खामियां हैं यह सीएमएस की जिम्मेदारी होती है कि मेरे संज्ञान में लाएं। मुझे दो माह हुए हैं। डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य



जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया था। उन्होंने व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए हैं। इससे ज्यादा मैं इस संबंध में कुछ नहीं कह सकता हूं। प्राचार्य से बात करें। डॉ. राजेश कुमार, सीएमएस

मेडिकल कालेज परिसर में रखे हटाए गए फायर सिलेडर । संवाद

मेडिकल कालेज परिसर में रखे हटाए गए फायर सिलेडर । संवाद

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