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Pilibhit News: नौ करोड़ रुपये से भरे जाएंगे पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग के गड्ढे

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उखड़ी पड़ी पीलीभीत-माधोटांडा सड़क। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। राज्यपाल के दौरे के दौरान लोक निर्माण विभाग ने माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग के गड्ढों को भरा था। अब फिर से इन गड्ढों के दिखने से सड़क के जख्म हरे हो गए हैं। इस मार्ग पर गड्ढों को भरने के लिए अब विभाग ने नौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। तीस किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर विशेष मरम्मत कार्य करवाया जाएगा।
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पीलीभीत-माधोटांडा रोड के दिन नहीं बहुर पा रहे हैं। तीस किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर अब गहरे गड्ढों के अलावा कुछ नहीं बचा है। बीच सड़क पर कई कई फुट के गड्ढे जानलेवा होते जा रहे हैं। करीब दो माह पहले विभागीय अधिकारियों को राज्यपाल के दौरे के दौरान इन गड्ढों की याद आई थी। उस दौरान विभाग ने जैसे-तैसे दौरे को सकुशल निपटाने के लिए गड्ढों को भरवा दिया था। काम चलाऊ किए गए कार्य का परिणाम अब सामने दिखाई दे रहा है। अब सड़क में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने इस मार्ग के गड्ढों से लोगों को राहत देने के लिए विशेष मरम्मत कार्य की योजना तैयार की है। इसके लिए नौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। संभावना जताई जा रही है कि प्रस्ताव पर जल्द ही मुहर लग जाएगी जिसके बाद बजट जारी होने पर काम शुरू हो जाएगा।
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चूका और गोमती जाने वाला मुख्य मार्ग
बरेली और अन्य शहरों के अलावा उत्तराखंड से आने वाले सैलानियों के आने-जाने के लिए यही मात्र एक सीधी सड़क है। इससे सैलानी चूका के अलावा अन्य स्थानों पर जाते है। मौजूदा समय में सड़क गड्ढों के कारण इतनी बदहाल हो गई है कि हिचकोलों के बीच लोगों को सफर करना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या रात के समय हो रही है। रात में गड्ढे न दिखाई देने से हादसे की आशंका बनी रहती है।
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हाईवे पर टोल होने से इसी सड़क से गुजरते हैं अधिकांश वाहन
पीलीभीत-असम रोड पर टोल प्लाजा बन जाने के कारण इस सड़क पर वाहनों का आवागमन काफी बढ़ गया है। सबसे अधिक गन्ना वाहन इसी सड़क से होकर गुजरते हैं। यही नहीं पूरनपुर की ओर से आने वाले लोगों के लिए भी यह सड़क काफी सहज बनी हुई है। गड्ढे होने का एक कारण वाहनों का इस सड़क पर दबाव बढ़ जाना भी माना जा रहा है।
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पर्यटकों के साथ तीस गांवों के लोग करते है इसी मार्ग से आवाजाही
बाइफरकेशन और चूका जाने वाले सैलानी के अलावा क्षेत्र के करीब तीस गांवों के लोग भी पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग का प्रयोग करते है। गांवों के सैकड़ों लोगों के मुख्यालय आने के लिए एक मात्र यही मार्ग है। मार्ग की हालत बदतर होने से राहगीर परेशान है। एक जनवरी को चूका घूमने आए बरेली के दो युवकों की देवीपुर के पास हादसे में मौत भी हो चुकी है।
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माधोटांडा- पीलीभीत के तीस किलोमीटर मार्ग पर विशेष मरम्मत के लिए नौ करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। संभावना है कि जल्द ही यह जारी हो जाएगा। इसके बाद काम को शुरू कराया जाएगा।
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- उदय नरायन, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी
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