बीसलपुर। चुर्रासकतपुर से भुता तक 13 किलोमीटर लंबाई में तीन साल पहले बनी सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है। पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने सड़क निर्माण में निर्धारित मानक के अनुरूप सामग्री नहीं लगाई। अब सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। पैचवर्क की बात आई तो पीलीभीत और बरेली के पीडब्ल्यूडी इंजीनियर मार्ग को एक दूसरे की सीमा में बताकर पल्ला झाड़ने लगे। इससे 50 हजार से ज्यादा आबादी परेशान है।
बरेली से भुता होकर चुर्रासकतपुर तक 24 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण बसपा सरकार में 2011 में मंजूर किया गया था। 2012 में सरकार बदली तो शासन से बजट की अगली किस्त रुक गई। लिहाजा, ठेकेदार ने मार्ग निर्माण अधूरा छोड़ दिया। तीन साल पहले किसी तरह सड़क निर्माण पूरा हो पाया तो उसमें सामग्री निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं लगी। इसके चलते तीन साल के अंदर ही पूरी रोड उखड़ गई। अब 13 किलोमीटर से ज्यादा रोड की ऊपरी परत उखड़ चुकी है। हर दो कदम पर गड्ढे होने से वाहनों की स्पीड यहां पर 15 से 20 किलोमीटर की रह जाती है। वाहन हिचकोले खाते हुए चलते हैं। दो पहिया वाहन तो आए दिन पंक्चर हो जाते हैं। कारों के पट्टे टूट जाते हैं। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर पीलीभीत और बरेली की सीमा में बताकर पैचवर्क नहीं करा रहे हैं। इससे आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।