पीलीभीत। भीषण गर्मी में गर्भवती महिलाओं के साथ ही बच्चे और बुजुर्ग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
गर्भवती महिलाओं के लिए नौ महीने बहुत खास और नाजुक होते हैं। इस दौरान कई बदलाव भी आते हैं। गर्मी के मौसम में प्रेगनेंसी के लक्षण और भी तकलीफ देते हैं। गर्मी के मौसम में उल्टी, अपच, गैस, पेट फूलना और भूख कम लगने की दिक्कत गर्भवती महिलाओं में ज्यादा बढ़ जाती है। लगभग 60 से 70 प्रतिशत महिलाओं को उल्टी और मितली की दिक्कत होती है। जिसकी वजह से डिहाइड्रेशन और कमजोरी आने लगती है। यही नहीं पैरों में फ्लूड जमने से सूजन भी आ जाती है। बढ़ते तापमान में महिलाओं खुद और गर्भ में पल रहे नवजात की सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। किसी भी दशा में शरीर में पानी की कमी नहीं होने दे देनी चाहिए।
घर में में इस तरह रखें अपनी सेहत का ख्याल
पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की महिला चिकित्सक डॉ. प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया गर्मी में अधिक पानी पीएं। पूरे दिन में कम से कम तीन लीटर पानी पीना जरूरी है। नारियल का जूस, फलों का ताजा जूस लेना चाहिए। खाने में सब्जियां और सलाद का अधिक सेवन करें। दही और छाछ शरीर को ठंडक देती है। ज्यादा तेल और मसाले वाली चीज से परहेज करें। हो सके तो दोपहर में धूप में घर से बाहर न जाएं।