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किसानों ने किया राजस्व विभाग के विरोध में प्रदर्शन

Fri, 17 Apr 2015 11:40 PM IST
दियोरिया/पीलीभीत।
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गांव घुरी खास के किसानों ने ओला और अतिवृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे न किए जाने और पीड़ित किसानों को मुआवजा न दिए जाने को लेकर शुक्रवार को राजस्व विभाग के विरोध में प्रदर्शन, नारेबाजी की।
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गांव घुरी खास की आबादी मात्र डेढ़ हजार है। जिसमें 150 किसान हैं। अधिकांश किसानों ने अपने खेतों में गेहूं, मसूर और लाही बो रखी थी जो ओला और अतिवृष्टि में बर्बाद हो गई थी। किसानों द्वारा बार बार कहने के बावजूद राजस्व विभाग ने अभी तक पीड़ित किसानों को मुआवजा देना तो दूर, नुकसान का सर्वे भी नहीं कराया है।

शुुक्रवार को गांव के नरवीर कश्यप की मौत हो जाने से किसानों का धैर्य जवाब दे गया। क्षुब्ध किसानों ने राजस्व विभाग के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की।
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प्रदर्शन करने वालों में पप्पू, महीपाल, रंजीत, शिशुपाल, ओमप्रकाश, धनीराम, वेगराज, देवदत्त, वीरपाल, राजपाल, गंगाराम, सुरेश, चूरामल, गंगाराम, चुन्नी लाल, किशन पाल, प्रेेमपाल, रामकुमार, नन्हे लाल, रामपाल, लेखराज, जानकी प्रसाद, बहोरन लाल, अमर सिंह, देवेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, अलख पाल, बाबूराम, सतीश चंद्र, भारत सिंह और गोविंद राम समेत तमाम ग्रामीण शामिल थे।
घुरी खास के खेतों में हुआ बड़े पैमाने पर नुकसान
दियोरिया। गांव घुरी खास के सभी किसानों के खेतों में ओला और अतिवृष्टि से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
जगदीश कुमार ने बताया कि उनकी आठ बीघा जमीन पर खड़ी गेहूं की सारी फसल बर्बाद हो गई है।

अमर सिंह यादव ने बताया कि उनकी 10 बीघा जमीन पर खड़ी गेहूं की सारी फसल खराब हो गई है। बाबूराम श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी सात बीघा जमीन पर खड़ी गेहूं की सारी फसल चौपट हो गई है।

गोविंदराम प्रजापति ने बताया कि उनके पांच बीघा खेत में खड़ी गेहूं की सारी फसल काली पड़ गई है। शिवदयाल प्रजापति ने बताया कि उनकी पांच बीघा जमीन पर खड़ी फसल पूरी तरह बदरंग हो गई है। आलम यह है कि लागत भी निकलना मुश्किल है। प्रशासन से सहायता की उम्मीद थी, लेकिन सर्वे न होने के कारण वह भी नहीं मिल सका है।
आंकलन को करते रहे गुहार
दियोरिया। घुरी खास के प्रधान दिनेश चंद्र गंगवार ने बताया कि वह तहसील कार्यालय में रोज जाकर राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों से अपने गांव में हुई फसली क्षति का आंकलन कराने का अनुरोध करते रहे, लेकिन अभी तक किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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