पीलीभीत। शहर के मुख्य मार्गों पर फैला तारों का मकड़जाल व झूलते तार राहगीरों के लिए हादसे का सबब बने हुए है। रीवैंप योजना के तहत हो रहा काम धड़ाम हो चुका है। इसके बाद भी जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। उपभोक्ताओं को रोजाना फाल्ट व कटौती की मार झेलनी पड़ रही है।
जिले में विद्युत निगम की ओर से रीवैंप योजना का काम कराया जा है। इसमें जर्जर तारों को बदलवाने, खंभों के लगाए जाने, ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि सहित अन्य कार्य शामिल हैं। जिससे उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति सही तरह से मिल सके। कार्यदायी संस्था की ओर से कार्य तो कराए जा रहे हैं, लेकिन उनमें मानकों का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हाल यह है कि जिन इलाकों में बंच केबल डाली गई है, वहां तारों को सही तरह से खंभों से नहीं बांधा गया। इससे तार ढीले हैं। वह जमीन पर झूल रहे है। हाल ही में शहर में गांधी स्टेडियम मार्ग पर बंच केबल डाली गई। बंच केबल डालने में कार्यदायी संस्था की ओर से लापरवाही की गई। इससे तार काफी नीचे आ गए। तारों के नीचे होने से हर समय हादसे का खतरा बना है। तार इतने नीचे है कि पैदल चलने वाले लोग भी इसकी चपेट में आ सकते है। जेई जहांगीर आलम ने बताया कि ढीले तारों को कर्मचारियों को भेजकर सही करा दिया जाएगा।
शहर में तीसरे दिन भी कटौती से बेहाल रहे उपभोक्ता
पीलीभीत। शहर में पिछले तीन दिनों से फाल्ट हो रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को घंटों कटौती की मार झेलनी पड़ी। सबसे ज्यादा दिक्कत निरंजनकुंज फीडर पर रही। जहां कई घंटे तक उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल सकी। सोमवार की रात कुछ एक इलाकों में फाल्ट होने से कटौती हुई। मंगलवार को शहर के अशोक कॉलोनी, एकता नगर, राजीव कॉलोनी, नई बस्ती, तुलाराम, आवास विकास, साहूकारा, अग्रवाल सभा, बल्लभ नगर, मधुवन, सुनगढ़ी सहित अन्य इलाकों में बिजली कटौती की समस्या बरकरार रही।