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खाली कटोरा बजाकर लौट गए वनाधिकारी

Wed, 21 Jun 2017 11:07 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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टाइगर रिजर्व से सटे क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाओं पर शासन के निर्देश पर दुधवा नेशनल पार्क के डायरेक्टर सुनील चौधरी पीलीभीत पहुंचे लेकिन संसाधन एवं धनाभाव के चलते केवल हवाई घोषणाओं और योजनाओं पर चर्चा ही करते रहे। कार्रवाई के नाम पर केवल नियमित मानीटरिंग के लिए दो टीमें बनाई गई है साथ ही दुधवा से दो हाथी गजराज व पवनकली को भेेजा गया है। टाइगर रिजर्व से सटे क्षेत्र में पिछले करीब आठ माह में हुए बाघ के हमलों में 14 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। मंगलवार को सुबह हुई 14वीं घटना के बाद शासन हरकत में आया है। प्रमुख सचिव वन संजीव सरन के निर्देश पर दुधवा नेशनल पार्क के डायरेक्टर सुनील चौधरी व बरेली से वनसंरक्षक वीके सिंह, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के यूपी उत्तराखंड प्रभारी डॉ. एके सिंह पीलीभीत पहुंचे। बुधवार सुबह अधिकारियों ने टाइगर रिजर्व कार्यालय में स्टाफ के साथ बैठक कर बाघों के हमले पर अंकुश लगाने एवं ग्रामीणों की सुरक्षा के प्रभावी उपाय करने पर चर्चा की। तय किया गया कि प्रभावित क्षेत्र में नियमित गश्त के लिए दो टीमें बनाई जाएंगी जो 12-12 घंटे ड्यूटी करेंगी। दोनों टीमों में डिप्टी रेंजर, वनदरोगा, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के एक प्रतिनिधि के साथ छह सदस्य रखे गए हैं। इसके अलावा दुधवा नेशनल पार्क से दो हाथी मंगवाए गए हैं जिन्हें कार्रवाई जारी रखने तक पीलीभीत में ही रखा जाएगा।
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प्रमुख सचिव ने फोन पर ली जानकारी
पीलीभीत। शासन के निर्देश पर पहुंचे वनाधिकारी डीएफओ कार्यालय में बैठक कर रहे थे। इस बीच प्रमुख सचिव वन संजीव सरन उन्हें फोन कर घटना एवं इसे रोकने के लिए की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली। दुधवा के डायरेक्टर सुनील चौधरी ने उन्हें टीम के गठन आदि के बारे में बताया।
आखिर कब तक पकेगा ख्याली पुलाव
बाघ के हमले की घटनाओं के बाद वनविभाग के अधिकारी बार बार टीम गठित करने, नियमित गश्त करने, तार फेसिंग करने, हाथी मंगवाने सहित कई दावे करते हैं। कार्यालय में लंबी-लंबी बैठकें कर व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करने की घोषणाएं करते हैं, लेकिन बह सारी कवायद बैठक के बाहर होते ही फुस्स हो जाती है।
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