पूरनपुर। गांव गजरौला जप्ती के गोदाम में नकली डीएपी मिलने के मामले में गोदाम मालिक रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के जिलाध्यक्ष का बेटा निकला। नकली खाद का भंडारण किसने किया। उसे कौन लोग बनाते थे। इसका खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने अपर जिला कृषि अधिकारी पंकज कुमार की ओर से संदेह के आधार पर अठावले के जिलाध्यक्ष और उसके बेटे के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मंगलवार की सुबह जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल को मोबाइल पर गांव गजरौला जप्ती में बैंक में बंधक और सील गोदाम के ताले तोड़कर उसमें नकली खाद बनने और बिक्री की सूचना मिली थी। जिला कृषि अधिकारी ने एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, एडीओ (कृषि) दिलीप कुमार और पुलिस को साथ लेकर छापेमारी की।
छापे में गोदाम में 88 कट्टे नकली डीएपी और छह कट्टे पाउडर (जिन पर कृभको डीएपी लिखा था) मिले थे। इसके अलावा गोदाम में काले रंग के दाने बिखरे पड़े थे। कोशिश के बाद भी शुरू में गोदाम किसका है। इसकी जानकारी अफसरों को नहीं लग सकी। बाद में गोदाम बैंक ऑफ बड़ौदा का ऋण जमा न कर पाने पर बंधक और सील होने की जानकारी पर अफसरों ने बड़ौदा बैंक शाखा की मैनेजर अभिलाषा पांडेय को मौके पर बुलाकर जानकारी की।
अभिलाषा पांडेय ने गोदाम पूर्व में सील किए जाने और गोदाम गांव गजरौला जप्ती निवासी जगदीश सिंह के पुत्र अतेंद्र सिंह का होने की जानकारी दी। अपर जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि आसपास के लोगों से जानकारी करने पर जगदीश सिंह की ओर से गोदाम में खाद का व्यापार करने की जानकारी दी। मगर जगदीश सिंह की पत्नी ने पति के खाद का व्यापार न करने की जानकारी दी।
उन्होंने अतेंद्र सिंह और जगदीश सिंह पर नकली खाद का व्यापार करने के संदेह पर पुलिस को तहरीर दी। कोतवाल नरेश कुमार त्यागी ने बताया कि तहरीर पर अतेंद्र सिंह और जगदीश सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। जगदीश सिंह रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के जिलाध्यक्ष हैं।