पीलीभीत। शहर के बरेली और कोतवाली गेट को लेकर पुरातत्व विभाग ने तहसील प्रशासन से नक्शा आदि से संबंधित पूरा विवरण मांगा था। यह विवरण अब तक विभाग को उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। इसके चलते कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है।
शहर की ऐतिहासिक धरोहर बरेली और कोतवाली गेट को देखरेख के लिए राज्य पुरातत्व विभाग के अधीन करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता शिवम कश्यप ने प्रयास शुरू किया था। उन्होंने राज्य पुरातत्व विभाग के निदेशक को पत्र भेजकर मांग की थी।
उनके पत्र पर 12 दिसंबर को सांस्कृतिक मंत्री की अध्यक्षता में राज्य पुरातत्व विभाग परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई। इसमें मंत्री ने दोनों गेटों को पुरातत्व विभाग के अधीन करने पर सहमति जताई। बाद में पुरातत्व विभाग की निदेशक रेनू द्विवेदी ने एसडीएम सदर से 21 दिसंबर को दोनों गेटों से संबंधित राजस्व अभिलेखों के अलावा नजरा नक्शा, खसरा और खतौनी मांगी, ताकि कवायद को आगे बढ़ाया जा सके।
अब तक तहसील से यह अभिलेख निदेशक को नहीं भेजे जा सके हैं। अभिलेख न मिल पाने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा हैं। ऐसे में सामाजिक कार्यकर्ता ने एसडीएम से मिलकर अभिलेखों को भेजने की मांग की है।
00
दोनों गेटों को लेकर अभिलेख तैयार करवाए जा रहे हैं। इनको जल्द भेजा जाएगा।
- देवेंद्र सिंह, एसडीएम सदर