22 नवंबर 2014 को बरेली के थाना आंवला के गांव कसूमरा निवासी दिनेश कुमार की सरकारी रायफल से गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस इसे खुदकुशी बता रही थी, जबकि परिवार वाले हत्या की आशंका जता रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली पीछे से लगने की पुष्टि होने के बाद मौत की गुत्थी हत्या और आत्महत्या के बीच फंस गईं थी। मृतक सिपाही के बड़े भाई मुकेश ने थाना आंवला पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या व आत्महत्या के बीच फंसी गुत्थी सुलझाने के लिए लखनऊ व मुरादाबाद के एक्सपर्टों ने घटना स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए थे। जिले की पुलिस के सवालों के घेरे में आने पर आईजी बरेली के आदेश पर मामले की विवेचना बरेली क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है। पुलिस ने एक्सपर्ट जांच एक माह में आने का दावा किया था, लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है। इससे सिपाही की मौत की गुत्थी अभी सुलझ नहीं सकी है। साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। एसपी सोनिया सिंह का कहना है कि एक्सपर्ट अपनी जांच रिपोर्ट सीधे जांच कर रही बरेली क्राइम ब्रांच टीम को देंगे। उधर क्राइम ब्रांच बरेली के एएसपी डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि उन्हें अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
जांच रिपोर्ट आई है या नहीं? इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। वैसे इतना है कि फोरेंसिक टीमों ने मौके पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आत्महत्या करने की संभावना जताई थी, लेकिन अभी लिखित में कुछ नहीं मिला है।
विजय कुमार मीणा, आईजी बरेली परिक्षेत्र