गांव प्रतापुर निवासी ईश्वरीप्रसाद ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि गांव जोनापुरी निवासी उसके नाना प्यारेलाल नानी की मौत के बाद से उसके साथ रहते थे। कुछ दिनों के लिए वह थाना सुनगढ़ी निवासी अपनी पुत्री निर्मला देवी के घर चले आए। बीमार होने पर वह अपने भाइयों सहित उन्हें एक निजी अस्पताल में देखने गया। तब नाना ने स्वस्थ्य होने पर घर आने की बात कही थी। इसी बीच मेरे मौसा मान सिंह, उनके भाई मोहनस्वरूप ने जालसाजी कर धोखाधड़ी से नाना की जमीन का निर्मला देवी के नाम बैनामा करा दिया। नाना ने जब बैनामा कराने की जानकारी घर वालों को देने की बात कही तो सात अगस्त को उनकी हत्या कर अंतिम संस्कार कर दिया। नौ अगस्त को जब आरोपियों से जमीन जायदाद के बंटवारे की बात कही तो उन्होंने बैनामा होने की जानकारी दी। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर दंपति समेत चारों आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 201 व 420 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।