पीड़ित पक्ष को लगातार दी जाती रहीं धमकियां
किशोरी के परिवार वालों ने बताया कि वह अनुसूचित जाति के हैं। आरोपियों ने जमकर दबाव बनाया। फैसला न करने की स्थिति में लगातार धमकियां दी जा रहीं थीं। जिसको लेकर भी किशोरी का पिता काफी परेशान था।
फजीहत होने के बाद लिखा मुकदमा
घटना के बाद जब पुलिस पर आरोप लगे तो देर शाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद किशोरी पक्ष की तरफ से दुष्कर्म, किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने, पाक्सो एक्ट, साजिश रचने, एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में भी लिया है।
एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। जांच की जा रही है, जांच के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।