पूरनपुर। बीते दिनों दिनों सिटी मजिस्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान सीएचसी में तैनात एक प्राइवेट कर्मचारी मरीजों से धन उगाही करते मिला था। मामले में डीएम ने कर्मचारी पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। सीएचसी अधीक्षक ने रिपोर्ट तो दर्ज करा दी, मगर उसमें आरोपी कर्मचारी का नाम या पता नहीं बताया। ऐसे में आरोपी प्राइवेट कर्मचारी को बचाने की कोशिश की चर्चा है।
सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह और सहायक निबंधक राजकुमार ने 11 सितंबर को पूरनपुर सीएचसी का निरीक्षण किया था। दोनों अफसरों को काउंटर पर एक प्राइवेट कर्मचारी पर्चा बनाता मिला था। इतना ही नहीं इमरजेंसी वार्ड में स्वास्थ्य कर्मियों की जगह प्राइवेट और सफाई कर्मचारी मरीजों का इलाज करते मिले थे। अभिलेखों में भी तमाम खामियां पाई गई थीं। काउंटर पर मरीजों से रुपये की वसूली करता राजू नाम का कर्मचारी भी मिला था। दोनों अधिकारियों की निरीक्षण के आधार पर डीएम पुलकित खरे ने सीएमओ को उस पर रिपोर्ट दर्ज कराने और लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रेम सिंह ने युवक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। मगर, आरोपी कर्मचारी के नाम-पते की जानकारी नहीं दी। ऐसे में आरोपी कर्मचारी को बचाने की कोशिश की चर्चा है।
सीएचसी की देखरेख का जिम्मेदारी अधीक्षक की होती है। उनकी ड्यूटी लेवल टू कोविड अस्पताल में लगी है। अफसरों की ओर से लिखित में चार्ज नहीं दिया गया है। प्राइवेट कर्मचारी पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। - डॉ. प्रेम सिंह, एमओआईसी, सीएचसी पूरनपुर