फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिल में मरम्मत कार्य तेज, पेराई की गति बढ़ी

Wed, 07 Dec 2016 11:32 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
विज्ञापन
मिल में मरम्मत कार्य तेज, पेराई की गति बढ़ी
विज्ञापन
एलएच मिल में मरम्मत का कार्य तेज हो गया है। क्रेन से चीनी बिन को उठाने के लिए क्षतिग्रस्त स्थान के आसपास का मलवा उठाने का काम शुरू कर दिया गया है। क्रेन आसानी से वहां पहुंच सके इसके लिए कुछ हिस्सा तोड़ा भी गया है। शहर स्थित एलएच शुगर मिल में तीन दिसंबर की शाम ग्रेडर हाउस में ब्लास्ट होने से तीन मजदूरों की मौत हो गई थी और छह मजदूर घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद मिल बंद कर दिया गया था। अब मिल की व्यवस्थाएं सुचारु होने लगी हैं। ब्लास्ट के बाद ऊंचाई से गिरे पैकिंग प्लांट और बिन को दुबारा स्थापित करने के लिए मिल प्रबंधन को गाजियाबाद से क्रेन बुलानी पड़ रही है। इस क्रेन के बुधवार रात तक यहां पहुंचने की संभावना है। जीएम एचआर आशीष गुप्ता ने बताया कि जब तक पैकिंग प्लांट मरम्मत नहीं हो जाता मिल पूरी क्षमता से पेराई नहीं कर सकेगी। पैकिंग प्लांट के डैमेज होने के कारण तैयार चीनी की आटोमेटिक पैकिंग व तोल नहीं हो पा रही है। फिलहाल तैयार चीनी बोरों में भरने से लेकर गोदाम तक पहुंचाने का काम मजदूरों से लिया जा रहा है। मिल के पैकिंग प्लांट की मरम्मत होने के बाद बोरों में भरी जा रही चीनी को आटोमेटिक प्लांट के माध्यम से तोल कर भर दिया जाएगा। मिल की पेराई क्षमता धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है। बृहस्पतिवार को यहां ग्रेडर पुन: स्थापित करने का काम शुरू होगा। इसके लिए दुर्घटना स्थल पर कुछ भवन एवं टिनशेड तोड़कर हटा लिया गया है।
विज्ञापन

70 प्रतिशत क्षमता से चली मिल
बुधवार को मिल की पेराई क्षमता 60 से बढ़कर 70 प्रतिशत तक पहुंच गई। यदि मिल इसी गति से चलती है तो पूर्व में सात दिसंबर तक जारी इंडेंट के गन्ने की पेराई नौ दिसंबर तक हो जाएगी। इसके बाद 10 दिसंबर से मिल को और गन्ने की जरूरत होगी। मिल सूत्रों की मानें तो बृहस्पतिवार मिल प्रबंधन नया गन्ना इंडेंट जारी कर सकता है, लेकिन यह इंडेंट पहले के मुकाबले 70 फीसदी ही होगा।
 मैनुअल हो रही चीनी की पैकिंग
मिल में ब्लास्ट के बाद प्रबंधन ने तैयार चीनी का स्टाक दूसरे स्थान पर कराकर मैनुअल पैकिंग शुरू करा दी गई है। बुधवार को भी बोरियों में पैक चीनी ट्रालियों से गोदाम तक पहुंचाई गई। अभी एक सप्ताह तक यह व्यवस्था जारी रह सकती है।
विज्ञापन

मजिस्ट्रेटी जांच को 23 तक दें साक्ष्य
चीनी मिल में हुई घटना के बाद डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश कर सिटी मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नामित किया था। सिटी मजिस्ट्रेेट राजित राम प्रजापति ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। इस संबंध में यदि कोई व्यक्ति अपना बयान अथवा साक्ष्य देना चाहता है तो 23 दिसंबर तक उनके कार्यालय में दे सकता है।
मिल की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। मिल 70 प्रतिशत क्षमता से चल रही हैं। मिल के पास अभी दो दिन का गन्ना है। जरूरत पड़ी तो बृहस्पतिवार को नया इंडेंट जारी किया जा सकता है।
केवी शर्मा, प्रधान प्रबंधक गन्ना 
...जांच में फस सकती मिल प्रबंधन की गर्दन
पीलीभीत। चीनी मिल के ग्रेडर हाउस में ब्लास्ट से मारे गए तीन श्रमिकों और घायल आधा दर्जन श्रमिकों में अधिकांश श्रमिक ऐसे थे जिन्हें उस स्थान पर कार्य के लिए लगाया ही नहीं जा सकता।
आरटीआई कार्यकर्ता वीके सक्सेना ने बताया कि गजट के मुताबिक मिल प्रबंधन ठेका लेवर का कार्य सिर्फ चीनी के बोरे ट्रकों में लादने का कार्य करा सकता है। मिल के भीतर प्लांटों पर सिर्फ स्थाई कर्मचारी लगे होने चाहिए। उन्होंने बताया कि शुरू में मिल की पेराई क्षमता 22 हजार क्विंटल थी तब मिल में 3000 स्थाई श्रमिक थे। अब क्षमता एक लाख क्विंटल हो गई। यानी स्थाई कर्मियों की संख्या करीब दस गुना कम हो गई है। 
उधर, आरटीआई कार्यकर्ता नत्थूलाल शर्मा ने भी मुख्य सचिव समेत तमाम आला अफसरों को पत्र भेज कर मिल प्रबंधन पर दर्ज गैर इरादतन हत्या के मुकदमे की जांच उच्च स्तरीय समिति से कराने की मांग की है।
नहीं मिला ठेकेदार, अभिलेख तलब
पीलीभीत। मिल हादसे के बाद से श्रम प्रवर्तन अधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने मिल पहुंचकर ठेका मजदूरों के ठेकेदार की छानबीन शुरू कर दी है। वह मामले की जांच के लिए मिल गए थे, लेकिन वहां संबंधित ठेकेदार नहीं मिल सका। मिल प्रबंधन ने ठेकेदार को अभिलेख समेत तलब किया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी। जल्द ही वह फिर मिल पहुंच श्रमिकों से जुड़े अन्य पहलुओं पर पड़ताल करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें