लेखपाल भर्ती परीक्षा में कक्ष निरीक्षक ड्यूटी करने वाले शिक्षकों ने
पारिश्रमिक भुगतान को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। वहीं समायोजित
शिक्षकों ने बीएसए को संबोधित ज्ञापन सौंपकर तीन माह का बकाया वेतन दिलाने
की मांग की है।
आठ अगस्त को चकबंदी लेखपाल भर्ती परीक्षा हुई थी। उपाधि
महाविद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र पर बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 44
शिक्षकों ने कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी की थी। मगर इन शिक्षकों को अभी तक
पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया है। इधर, शुक्रवार को तमाम शिक्षक
उपाधि महाविद्यालय में प्राचार्य से मिले।
प्राचार्य ने लेखाकार कार्यालय
सील होने की बात कहकर कंट्रोलर से मिलने की बात कही। इसके बाद कलेक्ट्रेट
पहुंचे शिक्षकों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
ज्ञापन में पारिश्रमिक भुगतान के नाम पर प्राचार्य पर बहाना बनाकर टालमटोल
करने का आरोप लगाया। शिक्षक डीएम से भी मिले और भुगतान कराने की मांग की।
इस पर डीएम ने लेखाकार को तलब किया है। ज्ञापन सौंपने वालों में आदित्य
गंगवार, मोहम्मद शहबाज, शिल्पी सक्सेना, संध्यापाल, ज्योति, विमला भारती,
अंजू गंगवार, राजेंद्र मौर्य आदि शामिल रहे।
प्राथमिक शिक्षामित्र
संघ के नेतृत्व में समायोजित शिक्षकों ने बीएसए को संबोधित ज्ञापन वरिष्ठ
लिपिक को सौंपकर तीन माह का बकाया वेतन दिलाने की मांग की। ज्ञापन में कहा
कि हाईकोर्ट ने 11 सितंबर को समायोजन प्रक्रिया को रद्द कर दिया था।
इधर,
सुप्रीम कोर्ट ने सात दिसंबर को हाईकोर्ट के आदेश को स्थगित कर दिया था।
तबसे लेकर समायोजित शिक्षकों को वेतन नहीं दिया गया। शिक्षकों ने तीन माह
का वेतन दिलाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष राम सिंह
राठौर, जसवीर सिंह, गजेंद्र कुमार, राजेश मिश्रा, उमेश यादव आदि मौजूद रहे।